राज्य सरकार की कंपनी ही करेगी मप्र में फसल बीमा

Regional parties could not enter MP in seven decades

भोपाल/प्रणव बजाज/बिच्छू डॉट कॉम। बीमा कंपनियों के नियम कायदों और बीमा की राशि मिलने में होने वाली देरी की वजह से अब प्रदेश की शिवराज सरकार फसल बीमा के लिए अपनी खुद की कंपनी बनाने जा रही है। यही कंपनी अब अगले साल से प्रदेश में फसल बीमा का काम करेगी। दरअसल राज्य सरकार हर साल समय पर अरबों रुपए का प्रीमियम बीमा कंपनी को देती है, लेकिन जब बीमा की राशि देने का समय आता है तो किसानों को प्रीमियम से भी कम राशि का भुगतान किया जाता है। यही नहीं हद तो तब हो जाती है तब किसानों को फसल क्षति के रुप में दो रुपए, 5 रुपए और 8 रुपए बीमा राशि का भुगतान किया जाता है। हाल ही में इसी तरह की स्थिति बन चुकी है , जिसकी वजह से राज्य सरकार को 4600 करोड़ रुपए बीमा राशि का भुगतान करने के बाद भी शाबाशी की जगह किरकिरी का सामना करना पड़ा।
यही वजह है कि अब राज्य सरकार ने फसल बीमा करने वाली कंपनियों से दूर रहने का मन बना लिया है। राज्य सरकार की तैयारी के हिसाब से अगले खरीफ सीजन में नई कंपनी गठित कर प्रदेश में फसल बीमा का काम किया जाएगा। इसके लिए अगले बजट में राशि का भी प्रावधान किया जाएगा। यह कंपनी प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के तहत काम करेगी। कंपनी शुरू करने के लिए शुरू में 100 करोड रुपए का फंड रखने का भी प्रस्ताव है। दरअसल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राज्य और केंद्र सरकार फसल बीमा योजना के प्रीमियम की तो बड़ी राशि निजी कंपनियों को देती है।
उसमें प्रीमियम का एक अंश किसानों को भी भुगतान करना पड़ता है। गौरतलब है कि मई में राज्य सरकार ने बीमा कंपनियों को 2200 करोड़ रुपए का प्रीमियम दिया था। प्रीमियम का भुगतान समय पर न हो पाने की वजह से बीमा कंपनियों ने किसानों की बीमा राशि रोक ली थी। बीमा प्रीमियम का भुगतान करने के बाद प्रदेश में 14 लाख 93हजार 171 किसानों के खाते में 2990 करोड़ रुपए की राशि पहुंची थी। इस बीमा राशि का किसानों को बीते दो सालों से इंतजार था। इस राशि का भुगतान पूर्व में कमलनाथ सरकार के समय होना था, लेकिन उस समय भुगतान न किए जाने से इसमें बिलंव हो गया। प्रदेश के 8 लाख 33 हजार 171 किसानों को खरीफ फसल और 6 लाख 60 1000 किसानों को रबी फसल की बीमा राशि के रूप में भुगतान किया गया है।

बीते माह मिली 4688 करोड़ की बीमा राशि
प्रदेश में बीते माह 37 लाख से अधिक किसानों के खाते में 4688 करोड़ 51 लाख की राशि का फसल बीमा के रूप में भुगतान किया गया। प्रदेश में 61.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की फसलों का बीमा कराया गया था। इसके लिए बीमा कंपनियों को 2488 करोड़ 69 लाख रुपए का प्रीमियम दिया गया था , लेकिन उसके बाद भी राज्य सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से अब तक किसानों को फसल बीमा के रूप में अब तक 7669 करोड रुपए का भुगतान हो चुका है।

50 लाख किसान होगें बीमा के दायरे में
सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार द्वारा गठित की जाने वाली नई कंपनी के बाद बीमा के दायरे में प्रदेश के पचास लाख किसानों को लाए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके पीछे सरकार की मंशा है कि अधिक से अधिक किसानों को फसल क्षति होने पर उन्हें उचित मुआवजा मिल सके। प्रदेश में नई कंपनी के गठन के लिए मुख्यमंत्री के सामने पहले ही प्रेजेंटेशन भी हो चुका है।

Related Articles