अब बुधनी के खिलौना कारीगरों को नहीं भटकना पड़ेगा कच्चेमाल के लिए

– वोकल फॉर लोकल के तहत डिपो कारीगरों के लिए कच्चे माल की आपूर्ति की जाएगी

Now Budhni's toy artisans will not have to wander for raw materials

भोपाल/रवि खरे/बिच्छू डॉट कॉम। राजधानी से सटे सीहोर जिले के तहत आने वाले बुदनी कस्बे की पहचान लकड़ी के खिलौनों के निर्माण को लेकर है। समय के साथ अब इन खिलौनों की मांग कम होने से इसके काम में लगे कारीगरों के सामने अब आर्थिक संकट भी खड़ा होने लगा है। यही वजह है कि सरकार ने इन खिलौनों की देशभर में मार्केटिंग कराने का फैसला किया है। यह काम सरकार की ओर से मध्य प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम द्वारा किया जाएगा । इस हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए बुधनी में एक डिपो स्थापित करने की भी योजना तैयार कर ली गई है। इस डिपो से पारंपरिक लकड़ी के खिलौने बनाने वाले कारीगरों को उचित मूल्य पर कच्चे माल की सप्लाई दी जाएगी। यहां पर बनने वाले खिलौनों को निगम अपने सभी मृगनयनी के शोरूम के अलावा आॅनलाइन बिक्री करेगा। गौरतलब है कि बुधनी लकड़ी और लाख के खिलौनों के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर बने दुधी की लकड़ी से बने खिलौनों की मांग विदेशों में खासतौर पर रहती है। यहां बनने वाले खिलौनों में अद्भुत कारीगरी, रंग और बनावट लोगों को खासतौर पर लुभाती है। यहां के शिल्पकार यह काम पीढ़ी दर पीढ़ी से करते आ रहे हैं। निगम के प्रबंध निदेशक राजीव शर्मा के मुताबिक वोकल फॉर लोकल के तहत डिपो कारीगरों के लिए आवश्यक मोम, रंग और अन्य कच्चे माल की आपूर्ति की जाएगी। फिलहाल कारीगरों को अभी यह सामग्री दिल्ली से मंगवाना पड़ती है। इसकी वजह से उन्हें इसके लिए अधिक खर्च का सामना करना पड़ता है। इसी तरह से निगम द्वारा उन्हें दुधी लकड़ी की पर्याप्त आपूर्ति करने की भी योजना है। अभी कारीगरों को वनों से लकड़ी इकट्ठा करने की अनुमति नहीं है, जिसकी वजह से उन्हें बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन अब इस योजना से कारीगरों को बेहद आसानी हो जाएगी।
दस लाख रुपए की राशि स्वीकृत
इस योजना को शुरू करने के लिए फिलहाल दस लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है। निगम का कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) वहां पर पहले से मौजूद है। उसी में इसके लिए नवनिर्माण किया जाएगा। योजना के तहत सभी मृगनयनी शोरूम में एक खिलौने का कोना भी तैयार किया जाएगा। इनमें लकड़ी के खिलौनों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही अप्रैल माह में डिपो शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

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