प्रदेश में रेडीमेड गारमेंट को बढ़ावा देने की बड़ी कवायद

Major exercise to promote readymade garment in the state

भोपाल/हृदेश धारवार/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र को अत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को जमीन पर उतारने के लिए अब सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध दिखना शुरू हो गई है। यही वजह है कि अब प्रदेश सरकार का पूरा फोकस निवेश पर बना हुआ है। यही वजह है कि राज्य सरकार उद्योगों के अलग-अलग क्षेत्रों में निवेशों को प्रोत्साहित करने के लिए कई तरह की रियायतें दे रही है। दरअसल सरकार की मंशा आत्मनिर्भर मप्र का रोडमैप के लक्ष्य को 2023 तक हासिल करना है। इसके चलते ही अब सरकार ने प्रदेश में रेडीमेड गारमेंट क्षेत्र को आगे लाने के लिए कई तरह की बड़ी रियायतें देने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा मप्र राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम के प्रावधानों के तहत भूमि के प्रीमियम पर प्रभावी छूट के अलावा गारमेंट यूनिट को औद्योगिक क्षेत्र में पट्टे पर भूमि लेने पर यूनिट पर भावांतरित विकास शुल्क में 50  फीसदी की छूट के अलावा मेगा गारमेंट यूनिट को नया बिजली कनेक्शन लेने पर सात वर्ष के लिए विद्युत शुल्क में छूट देने जा रही है।
इसी तरह से बिजली कनेक्शन पर वाणिज्यिक उत्पादन होने के दिन से पांच साल तक पांच रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से ही बिजली  जाएगी। बिजली दर वृद्धि का प्रभाव  मेगा गारमेंट यूनिट पर नहीं पड़ेगा। इसी तरह से रेडीमेड गारमेंट के क्षेत्र में निवेश करने पर मात्र 25 करोड़ रुपये के निवेश पर ही उन्हें वे सभी सुविधाएं और रियायतें मिलेंगी, जो कि मेगा स्तर की औद्योगिक इकाइयों को मिलती है। यही नहीं इनमें शामिल होने वाले कर्मचरियों के प्रशिक्षण पर भी राज्य सरकार 13 हजार रुपये तक खर्च करेगी, वहीं कर्मचारियों को पांच वर्ष तक प्रतिमाह 5 हजार रुपये सहायता राशि भी देगी। राज्य सरकार ने 25 करोड़ से अधिक के निवेश पर रेडीमेड गारमेंट यूनिट को मेगा यूनिट का दर्जा देने का निर्णय लिया है। यह निवेश यंत्र, संयंत्र या फिर भवन पर किया जा सकता है। इसके बाद वह औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की नीतियों के तहत रियायतों का अधिकारी हो जाएगा।
सस्ती दर पर मिलेगा कर्ज
इस सेक्टर की यूनिट को भारत सरकार का वस्त्र मंत्रालय टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन फण्ड स्कीम के तहत मान्य मशीनरी पर वित्तीय संस्थाओं और बैंकों से लिये जाने वाला कर्ज रियायती दरों पर उपलब्ध कराएगा। इसमें टर्म लोन पर 5 प्रतिशत की दर से ब्याज लिया जाएगा। यह सुविधा लगातार सात वर्ष के लिये मिलेगी।
राज्य सरकार से मिलेगा अनुदान
टेक्सटाइल परियोजनाओं के लिए तकनीकी एवं कुशल कर्मचारियों के लिए दिए जाने वाले प्रशिक्षण पर राज्य सरकार भी बाकायदा अनुदान दे सकेंगी।  यह रियायत ऐसे कर्मचारियों के मामले में मिलेगी, जो कि मप्र के मूल निवासी होंगे। इसी तरह रोजगार सृजन अनुदान की भी पात्रता होगी।
प्रदेश के मूल निवासियों को देना होगा अधिक रोजगार

राज्य सरकार की इन रियायतों के लिए संस्थान को मप्र के मूल निवासी बेरोजगारों को रोजगार के अवसर अधिक देने होंगे। राज्य सरकार ने नीति में जो प्रावधान किया है, उस हिसाब से एक वर्ष की अवधि में 50 फीसदी मप्र के मूल निवासियों को रोजगार देना होगा।
 इसी तरह तीन वर्ष की अवधि में मप्र के मूल निवासियों को रोजगार देने का प्रतिशत बढ़ाकर 75 फीसदी तक करना होगा, वहीं पांच वर्ष की अवधि में मप्र के मूल निवासी कर्मचारियों की संया बढ़ाकर 90 प्रतिशत करना होगा।
25 करोड़ से अधिक निवेश वालों को अधिक फायदा
मेगा यूनिट का दर्जा मिलने पर गारमेंट यूनिट को पंजीयन शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी से भी राज्य सरकार से राहत मिलेगी। अब 25 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाली यूनिट जो कि राज्य सरकार द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में पट्टे पर भूमि लेती है, उन्हें पट्टे की भूमि पर देय स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क भी नहीं देना होगा।
इसकी भरपाई राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। 

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