टेंडर खुले, 262 करोड़ में कोरबा की कंपनी ने ली खदानें

Tender opens, Korba's company mines for 262 crores

भोपाल/रवि खरे/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश के पांच जिलों की रेत खदानों की नीलामी में 11 माह की देरी के बाद भी प्रदेश सरकार को करीब पचास करोड़ का मुनाफा हो गया है। यह फायदा पूर्व में की गई नीलामी राशि की तुलना में हुआ है। खास बात यह है कि इसमें अकेले होशंगाबाद जिले की ही रेत खदानों से ही 45 करोड़ का फायदा हुआ है।
इस जिले की रेत खदानों को छग के कोरबा की आरके ट्रांसपोर्ट एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड ने 262 करोड़ रुपये की बोली लगाकर ठेका हासिल किया है। होशंगाबाद जिले में रेत की 118 खदानें हैं। इसी तरह से सरकार को अशोकनगर और मंडला की रेत खदानों से भी क्रमश: डेढ़ और साढ़े तीन करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। दरअसल खनिज विभाग ने पांच जिलों की रेत खदानों के लिए टेंडर जारी किए थे, जो हाल ही में खोले गए हैं। गौरतलब है कि होशंगाबाद जिले की रेत खदानों का ठेका लेने वाली छग के कोरबा की आरके ट्रांसपोर्ट एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के पास पहले से ही सिंगरोली की खदानें भी हैं। खास बात यह है कि चौथी बार टेंडर किए जाने के बाद भी उज्जैन जिले की 52 रेत खदानों के लिए ठेकेदार नहीं मिले। उल्लेखनीय है कि मप्र में होशंगाबाद ही ऐसा जिला है जहां पर अन्य जिलों की अपेक्षा सर्वाधिक रेत भंडार है। इस जिले में रेत खदानों की नीलामी के लिए विभाग ने मई से 26 अक्टूबर के बीच पांच बार नीलामी प्रक्रिया की। छठवीं बार में पांच में से चार जिलों की खदानों की नीलामी हो सकी है। हालांकि रेत खनन से पहले ठेकेदार को अमानत राशि तो जमा करानी ही होगी साथ ही खनन प्लान और पर्यावरण की भी अनुमति लेनी होगी।
दोगुनी राशि में गया अशोकनगर रेत खदान का ठेका
खास बात यह है कि दिसंबर 2019 में अशोकनगर की खदानें एक करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये में नीलाम हुई थीं, लेकिन बाद में ठेकेदार ने इससे हाथ खींच लिए थे। अब वहीं खादानें 2.75 करोड़ रुपये में नीलाम हुई हैं। इसी तरह से मंडला की खदानों की भी नीलामी साढ़े तीन करोड़ रुपये अधिक में हुई है। पूर्व में यह खदानें 36.59 करोड़ में नीलाम हुई थीं , जबकि इस बार इसके लिए 40 करोड़ की बोली आयी है। मंडला की खदानों को नीलाम करने में तीसरी बार में सफलता मिली है, जबकि उज्जैन की खदानों को चौथे प्रयास में भी ठेकेदार नहीं मिल सके हैं। यहां अनुमानित मूल्य एक करोड़ रुपये रखा गया था।
घाटा देख 50 करोड़ की अमानत राशि छोड़ी
दिसंबर 2019 में तेलंगाना की पावरमैक कंपनी ने 217 करोड़ रुपये में होशंगाबाद की खदानें नीलामी में हासिल की थीं। इसके बाद उसे मुनाफा नजर नहीं आया जिसकी वजह से कंपनी ने 50 करोड़ रुपये की अमानत राशि गंवाकर ठेका छोड़ दिया था। अब वही ठेका आरके ट्रांसपोर्ट एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड ने 262 करोड़ रुपये में लिया है। इसके लिए उसने निकटतम प्रतिद्वंदी कंपनी नेशनल एजर्जी ट्रेडिंग एंड सर्विस लिमिटेड से 74 करोड़ रुपये से अधिक की बोली लगाई।

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