सरकारी जमीन पर अतिक्रमण मामले में दमोह जिला अव्वल

अतिक्रमण

भोपाल/अपूर्व चतुर्वेदी/बिच्छू डॉट कॉम। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वैसे तो प्रदेश भर में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान चलाया हुआ है। इसके तहत अब तक करोड़ों रुपयों की जमीन माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त कराई जा चुकी है। वहीं दमोह जिला अब भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामले में प्रदेश में अव्वल बना हुआ है। यदि आंकड़ों की बात की जाए तो प्रदेश भर की कुल सरकारी जमीन में से 15081.62 हेक्टेयर पर अतिक्रमण है। हालात ये हैं कि प्रदेश की राजधानी भोपाल जिला भी इससे अछूता नहीं हैं। हालांकि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामले में कटनी जिला दूसरे नम्बर पर आता है।
प्रदेश के टॉप पांच जिलों में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की यह है स्थिति

वैसे तो फिलहाल की स्थिति में प्रदेश के कई जिलों में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण है। लेकिन इनमें प्रदेश के पांच जिले टॉप पर हैं। इनमें क्रमश: दमोह जिले में 4319.93 हेक्टेयर, कटनी 2398.93 हेक्टेयर, भोपाल 1715.94 हेक्टेयर, झाबुआ 1502.65 हेक्टेयर और भिंड जिले में 1388.72 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण है। इन जिलों में हुए सराहनीय कार्य: उल्लेखनीय है कि प्रदेश के पन्ना, सतना, मुरैना, बालाघाट और होशंगाबाद जिलों में अच्छे कामों की सराहना भी हो रही है। दरअसल आरसीएमआर में होने वाली रैंकिंग के मामले में सतना में करीब साढ़े सात हजार से अधिक केस निपटाए गए। वहीं सतना जिले में सिर्फ बंटवारे के ही 7300 मामले निराकृत किए गए। यही नहीं नामांतरण के मामले में सतना से आगे मुरैना जिला रहा है। बहरहाल बत्तीस हजार से अधिक केस निपटाकर सतना ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। सतना कलेक्टर अजय कटेसरिया के मुताबिक चूंकि जिले में राजस्व के मामले निरंतर पेंडिंग हो रहे थे। इन्हें निपटाने के लिए पूरी टीम को तैयार किया गया। मॉनिटरिंग सिस्टम मजबूत किया जिससे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इसी तरह पन्ना जिले को ओवल रैंकिंग में 100 में से 65 अंक मिले हैं। इसमें वेब जीआईएस, आरसीएमएस, राजस्व मामलों में सुधार, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना और गिरदावरी मामले में प्रदेश के हर जिले से अधिक नंबर पन्ना जिले को मिले हैं। वहीं दूसरे नंबर पर बालाघाट और होशंगाबाद जिले हैं।

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