वीडी की टीम पर दिल्ली में मंथन, जल्द होगी घोषणा

Brainstorm on VD's team in Delhi, will be announced soon

भोपाल/राजीव चतुर्वेदी/बिच्छू डॉट कॉम। आखिरकार एक साल के इंतजार के बाद टीम वीडी की घोषणा कभी भी होने के हालात बन चुके हैं। बताया जा रहा है कि इसके लिए टीम के संभावित नामों पर पार्टी हाईकमान से चर्चा के लिए स्वयं शर्मा दिल्ली दौरा कर चुके हैं।
हालांकि उनका दिल्ली दौरा व्यक्तिगत बताया जा रहा है, लेकिन उसे भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर दिल्ली में की जाने वाली कवायद से ही जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक टीम में शामिल किए जाने वाले नामों को लेकर लगभग मंथन पूरा कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि टीम वीडी की घोषणा होने के बाद ही संगठन निगम मंडल में नियुक्तियों को लेकर सक्रिय होगा और नेताओं को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के पद से नवाजा जाएगा। उपचुनाव के परिणाम आने के बाद अब भाजपा नेताओं की प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की टीम के गठन का इंतजार किया जा रहा है। इस टीम के गठन को लेकर बीते लंबे समय से कवायद की जा रही है। इस कवायद के चलते ही पार्टी संगठन के प्रमुख नेताओं के बीच कई दौर में मंथन किया जा चुका है। जिन नेताओं के बीच मंथन हुआ है उनमें सीएम शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री शामिल हैं। इस बीच पदों के दावेदार इन नेताओं से मिलकर अपना पक्ष रख चुके हैं और कई नेता अब भी सक्रिय बने हुए हैं।
अब शर्मा के भोपाल लौटने के बाद माना जा रहा है कि कभी भी वे अपनी टीम घोषित कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इसकी घोषणा इसी सप्ताह कर दी जाएगी। माना यह भी रहा है कि इस बार टीम में व्यापक रुप से परिवर्तन किया जा रहा है, जिसकी वजह से नई टीम में पार्टी के लिए पारंपरिक चेहरा बन चुके नेताओं के साथ ही उम्रदराज हो चुके नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया जाना तय माना जा रहा है। इसके साथ ही यह भी तय माना जा रहा है कि इस बार संगठन की इस टीम में पार्टी युवा और ऊर्जावान चेहरों को मौका देने जा रही है। इसमें पार्टी के कुछ विधायकों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। यह वे विधायक होंगे, जो मंत्री पद के मजबूत दावेदार माने जाते हैं, लेकिन उन्हें पद कम होने की वजह से मंत्रिमंडल में नहीं लिया जा सकता है। इन विधायकों को संगठन में पद देकर उन्हें संतुष्ट किए जाने की कवायद की जा रही है। पार्टी द्वारा पूर्व में भी मंत्री पद के दावेदार व पार्टी के दलित चेहरे हरिशंकर खटीक को संगठन में लेकर उन्हें संतुष्ट करने का काम किया जा चुका है। उन्हें प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। गौरतलब है कि अब नेताओं की नजर पूरी तरह से प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा पर टिकी है। इसमें जिन नेताओं को जगह नहीं मिलेगी, वे नेता निगम मंडलों में अध्यक्ष उपाध्यक्ष पदों की दावेदारी करेंगे।

प्रदेश भाजपा के पांच सैकड़ा मंडलों में जारी है नियुक्तियों का दौर
लंबे समय से मंडल अध्यक्ष बनने का इंतजार कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं का अब इंतजार समाप्त हो गया है। प्रदेश संगठन ने बगैर अध्यक्ष के चल रहे पांच सैकड़ा से अधिक मंडलों में तीन दिन के अंदर नियुक्तियां करने का लक्ष्य तय किया है। इस बजय से अब तक बीते दो दिन में करीब आधे रिक्त मंडलों में अध्यक्ष पदों पर नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं। इनमें राजधानी के भी कई मंडल शामिल हैं। दरअसल यह नियुक्तियां पार्टी द्वारा प्रशिक्षण शिविरों की वजह से अब जल्द की जा रही हैं। पार्टी के प्रदेश में कल से प्रशिक्षण शिविर शुरू हो रहे हैं। दरअसल यह वे मंडल हैं जहां पर पार्टी के चुनावों के दौरान एक राय नहीं बन पा रही थी। नियुक्तियों के साथ ही इन मंडल अध्यक्षों को तत्काल अपनी कार्यकारिणी बनाने को भी कह दिया गया है। खास बसत यह है कि अब तक जो भी मंडल अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं वे सभी पूरी तरह से युवा हैं और ख्याल रखा गया है कि उनकी उम्र 35 वर्ष से अधिक न हो। दरअसल यह नियुक्तियां बीते एक साल से लगातार किसी न किसी कारण से टल रही थी। गौरतलब है कि इसी तरह से चुनाव के समय जिन जिलों में विवाद की स्थिति बनी थी उनके जिलाध्यक्षों की घोषणा पार्टी द्वारा बहुत पहले ही कर दी गई थी। इस तरह की स्थिति प्रदेश के 19 जिलों में बनी थी। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने अध्यक्ष बनने के बाद संगठन की मजबूती के प्रयास शुरू किए ही थे, कि तभी प्रदेश में राजनीतिक उथल पुथल का दौर शुरू हो गया था और उसके बाद उपचुनाव की नौबत आ गई। इसके चलते संगठन की प्राथमिकता में उपचुनाव आ गए थे। उपचुनाव से फ्री होते ही अब संगठन को मजबूत करने के कदम उठाए जाने लगे हैं। इसी के चलते जिन मंडलों में मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियां नहीं हुई थीं, वहां मंडल अध्यक्ष बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। यही वजह है कि नई नियुक्तियों वाले मंडलों के लिए पार्टी ने प्रशिक्षण का काम सबसे अंत में करने जा रही है। गौरतलब है कि प्रदेश में भाजपा के 1059 मंडलों में से करीब 550 मंडलों में नियुक्तियां पहले ही की जा चुकी थी।

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