चिटफंड कंपनियों की संपत्ति की कुर्की के बाद होगी अब नीलामी

चिंटफंड

भोपाल/रवि खरे/बिच्छू डॉट कॉम। लोगों को लालच देकर निवेश कराने के बाद रकम हजम करने वाली चिंटफंड कंपनियों पर अब प्रशासन ने पूरी तरह से शिकंजा कस दिया है। इसके चलते अब उनकी चल-अचल संपत्तियों को न केवल कुर्क किया जा रहा है, बल्कि निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए कुर्क सम्पत्ति को नीलम करने की भी तैयारी कर ली गई है। एक अनुमान के मुताबिक प्रदेश में सक्रिय चिटफंड कंपनियों द्वारा लोगों को अधिक मुनाफे का झांसा देकर करीब 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा हड़प चुकी हैं। अब तक की गई कार्रवाई में प्रशासन द्वारा प्रदेश के 56 हजार निवेशकों के 9.7 करोड़ रुपए वापस कराए जा चुके हैं। इस कार्रवाई के लिए जिन जिलों में ठगी की वारदातें अधिक हुई हैं , वहां पुलिस और राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त शिविर लगाकर पीड़ितों की शिकायतें सुनकर प्रकरण दर्ज किए गए थे। इनमें सबसे अधिक शिकायतें शहडोल, ग्वालियर और चंबल में सामने आई थीं।

पुलिस द्वारा ऐसे मामलों में अब तक दो हजार करोड़ों रुपए से ज्यादा की ठगी का खुलासा किया जा चुका है।  की जा रही कार्रवाई के चलते ही सहारा इन्वेस्टमेंट कंपनी द्वारा करीब 618 करोड़ रुपए निवेशकों को लौटाए जा चुके हैं, जबकि नीमच में फ्यूचर मेकर लाइफ केयर कंपनी की  साढ़े 5 करोड़ , बड़वानी जिले की बीएन गोल्ड, आरकेआर गुरु साईं रियल एस्टेट की 5 करोड़ 47 लाख रुपए की संपत्ति को कुर्क कर लिया गया है। इसी तरह से सागर क्रेडिट को आॅपरेटिव की 40 हेक्टेयर जमीन ग्वालियर में सक्षम डेरी और सन इंडिया की 4 करोड़ की संपत्ति देवास में मालवांचल कंपनी की 111 करोड़ों रुपए की संपत्ति भी कुर्क की गई है। खास बात यह है कि इस तरह के अपराधों पर कार्रवाई के लिए पुलिस मुख्यालय में   को-आॅपरेटिव फ्रॉड शाखा का गठन किया गया है। इसकी जांच व आरोपियों की गिरफ्तारी का काम जिलों में गठित की गई एसआईटी द्वारा किया जा रहा है। इस तरह के वित्तीय अपराधों के अनुसंधान के लिए पीएचक्यू की को-आॅपरेटिव फ्रॉड शाखा के 22 पुलिस अफसर तैनात किए गए हैं। इन्हें इसके लिए बाकायदा सीबीआई अकादमी गाजियाबाद से प्रशिक्षण दिलाया गया है।

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