कोरोना मरीजों में नहीं मिल रहे एंटीबॉडी, रिसर्च की तैयारी

Antibodies not available in corona patients, research preparations

भोपाल/ रवि खरे/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों की संख्या अब एक लाख पार हो चुकी है। इस पर काबू पाने के लिए अब सरकार द्वारा सीरो सर्वे कराया जा रहा है। इंदौर और उज्जैन में हुए सर्वे की रिपोर्ट आ चुकी है, जबकि भोपाल की रिपोर्ट भी एक सप्ताह में आने की उम्मीद है। इस सर्वे में अब तक जो चौकाने वाली बात सामने आयी है वह है स्वस्थ होने वाले कई मरीजों में एंटीबॉडी का नहीं मिलना। विशेषज्ञों की माने तो एंटीबॉडी का न मिलना गंभीर हो सकता है। इसके चलते अब भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज द्वारा स्वस्थ्य लोगों पर शोधकर एंटीबॉडी की स्थिति का पता करने की तैयारी की जा रही है। उधर, भोपाल में सीरो सर्वे के तहत लगभग आठ हजार लोगों के सैंपल लिए गए हैं। यह सैंपल पीसीएम डिपार्टमेंट के 25 फैकल्टी सहित 12 पीजी डॉक्टर और 35 कर्मचारियों द्वारा जुटाकर माइक्रोबायलॉजी विभाग को दे दिए गए हैं।

इसलिए है रिसर्च जरुरी
फिलहाल यह अब भी तय नही है कि एंटीबॉडी बनने में कितना समय लगता है। वैसे सामन्य रूप से शरीर में 14 दिनों के अंदर एंटीबॉडी बन जाते हैं, लेकिन कई मामलों में इनका निर्माण ही नहीं हुआ है। हमीदिया अस्पताल के कुछ डॉक्टर और कर्मचारियों की जांच में टेस्ट के दौरान उनमें एंटीबॉडी नहीं मिले।

एक साल तक होगी जांच
शोध के लिए शहर के कई इलाकों से 1500 से 2000 लोगों को रेंडमली टेस्ट किया जाएगा। यह टेस्ट ठीक होने के एक सप्ताह बाद से लेकर एक महीने बाद और नियमित अंतराल में करीब एक साल तक किए जाएंगे। इसके आधार पर तैयार की जाने वाली रिपोर्ट से पता किया जाएगा कि एंटीबॉडी कब बनना शुरू हुए।

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