अरे भाई! बेमतलब ऑनलाइन सर्विस के नाम पर बह गए 2500 करोड़

Dear brother! 2500 crores wasted in the name of meaningless online service

भोपाल (प्रणव बजाज/बिच्छू डॉट कॉम)। आम आदमी को घर से बैठे ही तमाम तरह के कर जमा करने की सुविधा देने के लिए प्रदेश में भोपाल सहित नगरीय निकायों में ऑनलाइन की सुविधा लोगों को लिए अब भी दूर की कौड़ी बना हुआ है। वजह है प्रदेश के 378 नगरीय निकायों में ऑनलाइन सुविधा देने के नाम पर सरकार के 2500 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, लेकिन अब भी आम आदमी को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पानी के बिल से लेकर सम्पत्ती कर हो या फिर बिल्डिंग परमिशन जारी करने का काम सभी ऑफलाइन किया जा रहा है। इसकी हालत इससे ही समझी जा सकती है कि भोपाल नगर निगम में अधिकांश सर्वर डाउन की स्थिति बनी रहती है, जिसकी वजह से आम लोगों को अधिकांश कर जमा करने के लिए वार्ड कार्यालयों में जाकर जमा करना मजबूरी बन रही है। अगर प्रदेश की राजधानी में यह हाल है तो अन्य शहरों में क्या स्थिति होगी समझी जा सकती है। खास बात यह है कि प्रदेश सरकार द्वारा निकायों को ऑनलाइन करने के ई नगरपालिका प्रोजेक्ट पर लगभग दस साल पहले काम शुरु किया गया था। इसकी शुरुआत भोपाल में प्रॉपर्टी के सर्वे और म्युनिसिपल एकाउंटिंग सिस्टम से की गई थी। इसके बाद इसमें प्रॉपर्टी सहित अन्य टैक्स के ऑनलाइन भुगतान को भी शामिल कर लिया गया। भोपाल के साथ ही प्रदेश के सभी 16 नगर निगमों में बिल्डिंग परमिशन ऑनलाइन देने की व्यवस्था लागू करने के बाद इसे सभी 378 निकायों को भी लागू किया गया।

बेवजह लटकाई जाती हैं फाइल
प्रदेश के सभी निकायों में ऑनलाइन बिल्डिंग परमिशन एप्रूवल सिस्टम (एबीपीएएस) लागू होने के बाद भी जिम्मेदारों की वजह से इस सिस्टम का पूरा फायदा आवेदकों को अब तक नहीं मिल पा रहा है। ऑनलाइन आवेदन करने और उसके साथ जरूरी दस्तावेज संलग्र करने के बाद भी बिल्डिंग परमिशन शाखा के अफसर व कर्मचारी मिलकर अनुमति उलझा देते हैं। यही नहीं कोई पेंच न निकाल पाने के बाद भी कई माह तक निर्माण की अनुमति जारी नहीं की जाती है। यह खुलासा खुद नगरीय प्रशासन संचालनालय की समीक्षा में सामने आ चुकी है। यही वजह है कि ऐसे मामले में भोपाल नगर निगम में पदस्थ बिल्डिंग परमिशन शाखा के एक ड्राफ्ट्समैन और एक ट्रेसर को निलंबित करना पड़ा। हालांकि दोनों को ही निगम प्रशासन ने कुछ समय बाद उनको बहाल कर दिया था।

यह सुविधाएं शामिल हैं ऑनलाइन सेवाओं में

  • बिल्डिंग निर्माण की अनुमति
  • निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण
  • वॉटर कनेक्शन
  • पानी के बिल का भुगतान
  • व्यवसायिक लायसेंस
  • प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान, इससे
  • जुड़े अन्य कर व उपकर
  • पेड़ काटने की अनुमति

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