ईराक से भारत लौटे आतंकी को उम्रकैद की सजा

तिरुएनंतपुरम, बिच्छू डॉट कॉम।

कोच्चि स्थित नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी कोर्ट ने सोमवार को सुबाहानी हाजा मोईद्दीन (34) को उम्रकैद और 2.10 लाख जुर्माने की सजा सुनाई। हाजा इस्लामिक स्टेट का आतंकवादी था और इराक में आतंकी संगठन की ओर से लड़ने के बाद केरल लौट आया था। कोर्ट ने उसे आईपीसी की धारा 125 के तहत मित्र देशों के खिलाफ युद्ध छेड़ने, 120B (आपराधिक साजिश) और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून के तहत शुक्रवार को दोषी करार दिया था। लीगल एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह पहली बार है जब किसी व्यक्ति को धारा 125 के तहत दोषी ठहराया गया है। जांच के दौरान एनआईए ने पाया कि इडुक्की के थोडूपुझा के रहने वाला मोईद्दीन 2015 में सऊदी अरब गया और फिर वहां से तुर्की चला गया। उसे उसके हैंडलर्स सीरिया बॉर्डर ले गए और इसके बाद वह रक्का चला गया। उसे यहां हथियारों को चलाने की ट्रेनिंग दी गई और मोसुल (ईराक) में फ्रेंच बोलने वाले एक आतंकी की टीम में तैनात कर दिया गया। एक हमले के दौरान उसने देखा कि उसके साथी को जिंदा जला दिया गया इसके बाद वह वहां से भाग गया लेकिन इस्लामिक स्टेट के दूसरे आतंकियों ने उसे पकड़ लिया। उसने जांच टीम को बताया कि उसे इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने यह भरोसा दिलाए जाने के बाद छोड़ा कि वह भारत में आतंकी गतिविधियां करेगा। अभियोजन ने कहा कि जब मोईद्दीन को गिरफ्तार किया गया तब वह कुछ जजों और बड़े राजनेताओं पर हमले की योजना बना रहा था। यह भी पता चला कि वह पटाखों के लिए फेमस शिवकासी भी कई बार गया, ताकि वहां से विस्फोटक हासिल कर सके। पेरिस अटैक के सिलसिले में फ्रेंच इंटेलिजेंस एजेंसियों की ओर से भी उससे पूछताछ की गई।

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