मप्र के जज के खिलाफ यौन उत्पीडऩ की जांच सुप्रीम कोर्ट ने रोकी

Supreme Court holds off investigation of sexual harassment against MP judge

नई दिल्ली, बिच्छू डॉट कॉम। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के एक जिला न्यायाधीश के खिलाफ यौन उत्पीडऩ आरोपों की अनुशासनिक जांच पर रोक लगा दी है। एक महिला न्यायिक अधिकारी ने जिला न्यायाधीश के खिलाफ आरोप लगाया है। शीर्ष कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से जवाब मांगा है। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ कहा कि जब कोई ऊपरी अदालत के न्यायाधीश के रूप में प्रोन्नत के लिए विचार करने के क्षेत्र में आ जाता है तो अब यह एक परंपरा सी बन गई है। शीर्ष कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। हाई कोर्ट ने जिला न्यायाधीश के खिलाफ यौन उत्पीडऩ जांच को हरी झंडी दे दी थी। जिला न्यायाधीश के नाम पर हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में प्रोन्नत किए जाने पर विचार होना था। 14 अगस्त को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जिला न्यायाधीश की याचिका खारिज कर दी थी। अधीनस्थ न्यायिक सेवा की एक महिला न्यायिक अधिकारी ने सात मार्च 2018 को जिला न्यायाधीश के खिलाफ कार्यस्थल पर यौन उत्पीडऩ की शिकायत दर्ज कराई थी।

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