RSS है देशभक्ति की सबसे बड़ी पाठशाला – प्रकाश जावड़ेकर

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बिच्छू डॉट कॉम।  भाजपा ने राष्ट्रीय RSS को देशभक्ति के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी पाठशाला करार दिया है। साथ ही संघ की तुलना पाकिस्तान के कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनों से करने पर राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया है। भगवा पार्टी ने कहा कि कांग्रेस नेता को आरएसएस को समझने में बहुत समय लगेगा। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ”आरएसएस देशभक्ति की दुनिया में सबसे बड़ी पाठशाला है। इसलिए दुनिया में उसका आदर है और भारत में इसकी भूमिका है। लोगों में अच्छा परिवर्तन लाना, लोगों को देशभक्ति के लिए प्रेरित करना, यही संघ करता है।”

अमेरिका के कॉर्नेल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु के साथ हुए एक संवाद के दौरान राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि आरएसएस अपने द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों को इस्तेमाल विश्व के बारे में एक विशेष विचार को आगे बढ़ाती है जैसे पाकिस्तान में कट्टरपंथी इस्लामी मदरसा करते हैं। जावड़ेकर ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उनके उस बयान को ”हास्यास्पद करार दिया जिसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि आपातकाल एक “गलती” थी लेकिन कांग्रेस ने कभी भी देश के संस्थागत ढांचे पर कब्जा करने का प्रयास नहीं किया।

संवाददाता सम्मेलन में जावड़ेकर से जब राहुल के आपालकाल संबंधी स्वीकारोक्ति के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह आज इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते लेकिन उनका अगला वाक्य महत्वपूर्ण है जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने कभी भी देश के संस्थागत ढांचे पर कब्जा करने का प्रयास नहीं किया। जावड़ेकर ने कहा, ”आपातकाल के दौरान सारे संस्थानों को बंद कर दिया। सारे संगठनों की आजादी खत्म कर दी। सभी पार्टियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। सारे सांसदों और विधायकों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। लाखों लोगों को बंदी बनाया गया। साथ ही साथ अखबारों की आजादी खत्म कर दी।” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संस्थागत ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाया, ये कहना हास्यास्पद है।

कौशिक बसु के साथ हुई बातचीत के दौरान आपातकाल पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा था कि आपातकाल में जो भी हुआ वह “गलत” था तथा उसमें एवं आज की परिस्थिति में मूलभूत अंतर है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने भारत के संस्थागत ढांचे पर कब्जा करने का प्रयास कभी नहीं किया और कांग्रेस के पास ऐसा करने की काबिलियत भी नहीं है। हम ऐसा करना चाहें तब भी हमारी संरचना ऐसी है कि हम नहीं कर पाएंगे।” केंद्रीय मंत्री ने असम में नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएए) को समाप्त करने के कांग्रेस के वादे के लिए विपक्षी दल को आड़े हाथों लिया। जावड़ेकर ने एक ट्वीट में कहा, ”कांग्रेस ने 2015 में बांग्लादेश से आए बंगाली हिन्दुओं और बौद्ध के लिए नागरिकता की मांग की थी और वही कांग्रेस आज कह रही है कि वह सत्ता में आई तो सीएए को समाप्त कर देगी।” उन्होंने इसे कांग्रेस की चुनावी मौकापरस्ती करार दिया।

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