जी-20 समिट में मोदी-कोरोना सबसे बड़ी चुनौती

नई दिल्ली, बिच्छू डॉट कॉम। कोविड-19 महामारी दूसरे विश्व युद्ध के बाद से दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। यह मानवता के इतिहास में एक अहम मोड़ है। वर्क फ्रॉम एनी व्हेयर अब न्यू नॉर्मल है। यह बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जी20 समिट में कहीं। उन्होंने जी-20 का वर्चुअल सेक्रेटेरिएट बनाने का भी सुझाव दिया है। भारत 2022 में जी-20 समिट की मेजबानी करने वाला है। प्रधानमंत्री ने कोरोना के बाद वाली दुनिया के लिए एक नया ग्लोबल इंडेक्स तैयार करने का भी सुझाव दिया। इसमें चार चीजें शामिल हैं। पहला- बड़ा टेलेंट पूल तैयार करना। दूसरा- ये तय करना कि तकनीक समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे। तीसरा-गवर्नेंस सिस्टम में पारदर्शिता और चौथा-अपनी पृथ्वी के साथ भरोसे की भावना से व्यवहार करना।
उन्होंने कहा कि 4 चीजों के आधार पर जी20 एक नई दुनिया की नींव रख सकता है। मोदी ने जी-20 के कामकाज के लिए डिजिटल सुविधाओं को और बेहतर करने के लिए भारत की आईटी की महारत का इस्तेमाल करने की पेशकश की। सऊदी अरब के किंग सलमान ने इस समिट की शुरुआत की। समिट कोरोना के कारण ऑनलाइन की गई।

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