कोरोना संक्रमण से बचने के आयुष मंत्रालय ने बताए उपाय, मरीजों की संख्या में आएगी कमी…

नई दिल्ली, बिच्छू डॉट कॉम।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में संक्रमित लोगों की संख्या बढक़र 67,57,131 हो गई, जबकि 986 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढक़र 1,04,555 हो गई। कोविड-19 से मृत्यु दर 1.55 फीसदी दर्ज है। आंकड़ों के अनुसार, देश में 9,07,883 लोगों का इलाज चल रहा है, जो कि कुल मामलों का 13.44 फीसदी है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के अनुसार छह अक्टूबर तक 8,22,71,654 नमूनों की जांच हुई है और इनमें से मंगलवार को 11,99,857 नमूनों की जांच हुई। कोरोना का अभी तक कोई स्थायी इलाज या टीका विकसित नहीं हुआ है। देश में कोरोना से निपटने के लिए आयुर्वेदिक उपचारों का भी सहारा लिया जा रहा है। इसी कड़ी को आगे बतााते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए एक नया प्रोटोकॉल जारी किया है। इसमें कोरोना और सांस से जुड़ी समस्याओं के उपचार और रोकथाम के लिए उपायों में योग और अश्वगंधा जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों को शामिल किया गया है। हर्षवर्धन ने कहा कि यह प्रोटोकॉल क्रोना वायरस से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रोटोकॉल में बताया गया है कि कोरोना जैसे वायरस से निपटने के लिए इम्यूनिटी सिस्टम का मजबूत होना बहुत जरूरी है। इस प्रोटोकॉल में अश्वगंधा, गुडूची घाना वटी या च्यवनप्राश जैसी जड़ी बूटियों को शामिल किया गया है, जिनका कई रोगों के उपचार में इस्तेमाल किया जाता है। आयुर्वेद में बेहद महत्व रखने वाली ये चीजें ऐसी औषधि हैं जिनमें शरीर के बेहतर कामकाज के लिए सभी गुण पाए जाते हैं। यह चीजें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने से लेकर, कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित रखने, तनाव दूर करने, पेट साफ रखने और याद्दाश्त को बेहतर बनाने का भी काम करती हैं। कोविड-19 पॉजिटिव रोगियों के लिए गुडूची घाना वाटी, गुदुची और पिप्पली या आयुष 64 के सेवन की सलाह दी गई है। बताया गया है कि गुडूची और पिप्पली और आयुष 64 टैबलेट हल्के कोरोना वायरस संक्रमित रोगियों को दिए जा सकते हैं।

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