क्लाइमेट समिट: बाइडन का निमंत्रण पीएम मोदी ने स्वीकारा

क्लाइमेट समिट

बिच्छू डॉट कॉम। जलवायु मुद्दे पर नेताओं की शिखर बैठक में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के निमंत्रण को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीकार कर लिया है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जलवायु मुद्दे पर नेताओं की शिखर बैठक में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया है, जिसे डिजिटल माध्यम से 22-23 अप्रैल 2021 को आयोजित किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति बाइडेन की पहल का स्वागत किया और निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत विश्व के 40 नेताओं को जलवायु परिवर्तन से निपटने को लेकर वार्ता के मकसद से आयोजित होने वाले नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया है। इस शिखर सम्मेलन का मकसद जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने के आर्थिक लाभ एवं महत्व को रेखांकित करना है। हालांकि, इस शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को न्योता नहीं मिला है।

व्हाइट हाउस ने पिछले सप्ताह कहा था, ‘यह ग्लासगो में इस साल नवंबर में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी 26) के मार्ग में एक मील का पत्थर साबित होगा।’ व्हाइट हाउस के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा, ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन समेत 40 नेताओं को शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसका सीधा प्रसारण किया जाएगा। इन नेताओं के अलावा दक्षिण एशिया से बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और भूटान के प्रधानमंत्री लोते शेरिंग को भी सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। व्हाइट हाउस ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन और सीओपी26 का मुख्य लक्ष्य वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखने के प्रयासों को गति देना है।

उसने कहा कि इस सम्मेलन में इन उदाहरणों को भी रेखांकित किया जाएगा कि जलवायु महत्वाकांक्षा से अच्छे वेतन वाली नौकरियां कैसे पैदा होती हैं, नवोन्मेषी तकनीक विकसित करने में कैसे मदद मिलती है और कमजोर देशों को जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के अनुसार ढलने में कैसे सहायता मिलती है। व्हाइट हाउस ने कहा कि शिखर सम्मेलन के आयोजन से पहले अमेरिका पेरिस समझौते के तहत अपने नए राष्ट्रीय निर्धारित योगदान के रूप में महत्वाकांक्षी 2030 उत्सर्जन लक्ष्य की घोषणा करेगा। इस सम्मेलन में वे 17 देश भाग लेंगे, जो वैश्विक स्तर पर 80 प्रतिशत उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं और वैश्विक जीडीपी में उनकी 80 प्रतिशत भूमिका है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन से जुड़े मामलों पर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के विशेष दूत जॉन कैरी 5-8 अप्रैल तक भारत की यात्रा पर रहेंगे, जिसमें वह जलवायु मुद्दे पर नेताओं की आगामी शिखर बैठक सहित पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बागची ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत जॉन कैरी 5-8 अप्रैल तक भारत की यात्रा पर आ रहे हैं जिसमें वह जलवायु मुद्दे पर नेताओं की आगामी शिखर बैठक सहित पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत यात्रा के दौरान कैरी यहां विदेश मंत्री एस जयशंकर के अलावा वित्त मंत्री, वन एवं पर्यावरण मंत्री, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री, ऊर्जा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आदि से भी मुलाकात करेंगे । 

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