नवाज बोले- आर्मी चीफ ने मेरी सरकार गिराई, मैं चुप नहीं रहूंगा

Nawaz said - Army Chief toppled my government, I will not be silent

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में विपक्षी दलों का संगठन पीडीएम खुलकर फौज और इमरान सरकार के खिलाफ खड़ा हो गया है। शुक्रवार को गुजरांवाला में इसकी पहली रैली हुई। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इसे लंदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। सबसे खास बात यह है कि शरीफ ने पहली बार आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा का नाम लिया और दो साल पहले अपनी सरकार गिराने का आरोप लगाया। पीडीएम के कार्यकर्ता गुजरांवाला के जिन्ना स्टेडियम में 20 अक्टूबर तक मौजूद रह सकते हैं। गुजरांवाला पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत पंजाब का शहर है। पाकिस्तान सरकार और फौज ने रैली नाकाम करने की हर मुमकिन कोशिश की। लेकिन, वे कामयाब नहीं हो सके।
नवाज ने क्या कहा
नवाज शरीफ ने खचाखच भरे जिन्ना स्टेडियम में सरकार और फौज के खिलाफ हो रही नारेबाजी के बीच दोपहर करीब तीन बजे रैली को लंदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित किया। नवाज ने इस दौरान वो किया जो अमूमन पाकिस्तान में कोई करने की हिम्मत नहीं करता। उन्होंने सीधे तौर पर आर्मी चीफ बाजवा का नाम लिया और अपनी पिछली सरकार गिराने का आरोप लगाया। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, नवाज ने कहा- जनरल कमर जावेद बाजवा, आपने मेरी सरकार गिराई। वो सरकार बेहतर काम कर रही थी। हमारी सरकार को गिराकर आपने अपनी इच्छाएं पूरी कीं। ये मुल्क और इसके हिमायती इसे कभी नहीं भूलेंगे।
फौज की वजह से इमरान कुर्सी पर
नवाज ने भाषण में आगे कहा-मेरी सरकार को गिराकर इमरान खान को चुनाव में धांधली करवाके सत्ता में लाया गया। उन्हें पीएम बनाया गया। इससे कुछ लोगों की इच्छाएं पूरी हो गईं। नवाज ने आईएसआई के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद पर भी यही आरोप लगाए। कहा-हम क्या कर सकते हैं, ये आप सब देख रहे हैं। आप मुझे भगोड़ा कहें, प्रॉपर्टी जब्त कर लें और झूठे आरोप लगा दें। जो आपको करना है, वो कर लें। लेकिन, ध्यान रखिए। आप अब नवाज शरीफ को रोक नहीं पाएंगे। नवाज यहीं नहीं रुके। उन्होंने फौज पर एक और आरोप लगाया। कहा-इस मुल्क के लोगों को सोचना होगा कि क्यों उनके द्वारा चुना गया कोई प्रधानमंत्री या सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाते। आप देशभक्ति की बात करते हैं। मुझे बताइए कि देश के संविधान को सबसे ज्याद नुकसान किसने पहुंचाया। किसने सरकारें गिराईं और क्यों गिराईं। इससे किसे फायदा हुआ। हमारे देश के दो टुकड़े किसकी वजह से हुए। इसके बावजूद आप देश को चला रहे हैं। असीम सलीम बाजवा सीपैक के चेयरमैन पद से इस्तीफा क्यों नहीं देते। वे किसको मुनाफा कमाकर दे रहे हैं।
इमरान के खिलाफ रैली, 450 लोग हिरासत में
पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए सियासी हालात ठीक नहीं दिखाई दे रहे हैं। ऐसा पहली बार हुआ है, जब पाकिस्तान में किसी सरकार और सेना के खिलाफ राइट और लेफ्ट पार्टियां एकजुट हो गई हैं। इन 11 पार्टियों ने पिछले महीने मिलकर पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) का गठन किया था। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की दक्षिणपंथी पार्टी पीएमएल-एन और बिलावल भुट्टो-जरदारी की वामपंथी पार्टी पीपीपी भी शामिल हैं। खास बात यह है कि इस मोर्चे का नेतृत्व दक्षिणपंथी दल जमीयत उलेमा-ए- इस्लाम के प्रमुख फजलुर रहमान कर रहे हैं। ये पार्टियां इमरान सरकार से इस्तीफे की मांग रही हैं। साथ ही कह रही हैं कि देश के राजनीतिक और सरकारी मामलों में सेना की दखल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मोर्चे ने सरकार के खिलाफ तीन चरणों में आंदोलन की योजना बनाई है। इसके तहत शुक्रवार को गुजरांवाला में पहली रैली की गई। दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने रैली से पहले लाहौर समेत पंजाब में विपक्ष के करीब 450 नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। कई लोगों को नजरबंद कर दिया। इन लोगों के खिलाफ खुफिया विभाग ने रिपोर्ट दी थी।

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