महिंद्रा और टाटा ग्रुप के चेयरमैन ने वॉट्सऐप से बनाई दूरी

नई दिल्ली, बिच्छू डॉट कॉम। प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव के बाद मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप से लोगों ने दूरी बनाना शुरू कर दिया है। भारत में भी कई दिग्गज हस्तियों ने वॉट्सऐप छोड़कर सिग्नल जैसे दूसरे मैसेजिंग ऐप का उपयोग करना शुरू कर दिया है। इनमें स्टार्टअप कंपनियां और पुराने कॉरपोरेट तथा उनके सीनियर लीडर शामिल हैं। ये लोग अब अपने वर्क चैट और इंटरनल डॉक्युमेंट्स शेयर करने के लिए सिग्नल का इस्तेमाल कर रहे हैं। महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने हाल ही में सिग्नल इनस्टॉल किया है। टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन पिछले कुछ समय से सिग्नल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा टाटा ग्रुप के कई सीनियर ऑफिसर भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा ने अपनी टीम के लोगों को वर्क कम्यूनिकेशन के लिए वॉट्सऐप का इस्तेमाल नहीं करने को कहा है। फोनपे के को-फाउंडर समीर निगम के मुताबिक उनकी टीम के आधे लोगों ने सिग्नल का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। निगम ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि यह समय अलग है। प्रोडक्ट वार, सिग्नल आ गया है! निगम ने बताया कि मेरे सभी वर्क ग्रुप्स को फिर से बनाया गया है। और इसके लिए मुझे कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ा है।
सिलिकॉन वैली में भी वॉट्सऐप का विरोध
जिंदल स्टील एंड पावर के चीफ एचआर ऑफिसर पंकज लोचन ने कहा कि कंपनी वॉट्सऐप से दूर जाने की आवश्यकता को देख रही है और अपने रोजाना के जरूरी ऑफिशियल कम्यूनिकेशन के लिए वॉट्सऐप से ज्यादा सुरक्षित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म जैसे सिग्नल, टेलीग्राम या गूगल चैट/मीट का उपयोग कर रही है। सीरियल उद्यमी और क्रेड संस्थापक कुणाल शाह ने सिग्नल ऐप का उपयोग करना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं अमेरिका की सिलिकॉन वैली में भी वॉट्सऐप का विरोध होने लगा है। निवेशक और फेसबुक के पूर्व कर्मचारी चमथ पालीहिपतिया ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि वॉट्सऐप ने अपनी सबसे अच्छी विशेषता प्राइवेसी को मार दिया है। कृपया अब मुझे वॉट्सऐप पर टेक्स्ट न करें।

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