कांग्रेस के युवा नेताओं ने संभाली चुनाव की कमान

Young Congress leaders took command of the election

दलबदलुओं के खिलाफ कांग्रेस की सभा में उमड़ रही भीड़
भोपाल/हृदेश धारवार/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश की 28 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के युवा नेतृत्व ने कमान संभाल ली है। ग्वालियर -चम्बल में पिछले दिनों हुई कांग्रेस की चुनावी रैली में जिस तरह भीड़ उमड़कर आ रही है। उसने कांग्रेस का एक बार फिर उत्साह से भर दिया है। कांग्रेस के युवा नेता ग्वालियर-चम्बल में दलबदलू भाजपा के संभावित प्रत्याशियों के खिलाफ माहौल बना रहे हैं। यहाँ कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री व मीडिया विभाग के अध्यक्ष जीतू पटवारी, सांसद नकुल नाथ, पूर्व मंत्री सचिन यादव, हनी सिंह बघेल, जयवर्द्धन सिंह, युवा विधायक कुणाल चौधरी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। जिनके अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. गोविंद सिंह सज्जन सिंह वर्मा भी मोर्चा संभाले हुए है। हाल ही में सज्जन सिंह वर्मा कोरोना संक्रमित हुए है। इसलिए फिलहाल वे चुनावी सभाओं से दूर हैं। कांग्रेस के साथ एनएसयूआई के टीम में भी प्रदेश की सभी 28 सीटों पर काम शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने उन सीटों के लिए विशेष रणनीति बनाई है। जो कांग्रेस अपने आंतरिक सर्वे में हार रही है। कांग्रेस ने अभी अपने 15 प्रत्याशी घोषित कर दिए है। अभी 13 सीटों के प्रत्याशी घोषित करना और शेष है। कांग्रेस ग्वालियर चम्बल की 16 सीटों में से 15 सीटें जीतने का दावा कर रही है।

दलबदलुओं के बल पर जीत का दावा कर रही भाजपा
विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए दलबदलू नेताओं के बल पर चुनाव में जीत हासिल करने का दावा कर रही है। ग्वालियर- चम्बल ,मालवा, बुंदेलखंड और महाकौशल की जिन सीटों विधानसभा उपचुनाव होने हैं, वहां पर भाजपा के दलबदलू नेता चुनावी मैदान में होंगे। 2018 के विधानसभा चुनाव में 28 विधानसभा सीटों में से 27 सीटें कांग्रेस ने जीती थी। इसलिए कंग्रेस को अभी भी यह भरोसा है कि आने वाले चुनाव परिणाम कंग्रेस के पक्ष में आएंगे। वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने अपनी चुनावी तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ,ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर लगातार चुनावी क्षेत्र में सभाएं कर रहे हैं। सरकार के सभी मंत्री भी चुनाव में डटे हुए हैं।

मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार स्थिर है। उपचुनाव के बाद भी मध्यप्रदेश में भाजपा की ही सरकार रहेगी और तेज गति से काम करेगी। 2018 के विधानसभा चुनाव में 28 में से 27 सीटें भाजपा हारी थी,लेकिन अब सभी 28 सीटें भाजपा जीतेगी।

  • रजनीश अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता, बीजेपी मप्र

भारतीय जनता पार्टी जिन दलबदलुओं के दम पर चुनाव जीतने का दावा कर रही है। वे सभी कांग्रेस से भाजपा में गए हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में 28 में से 27 सीटें कांग्रेस ने जीती थी। जनता ने कंग्रेस को वोट दिया था। भाजपा के दलबदलुओं ने जनता के साथ धोखा किया है। उपचुनाव में जनता खुद धोखेबाजी का बदला लेगी।

  • ब्रजभूषण नाथ, प्रदेश महामंत्री कांग्रेस मप्र

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