स्व-स्पर्शी और समन्वित होगा वीडी का संकल्प पत्र

VD's resolution letter will be self-touching and integrated

भोपाल/प्रणव बजाज/बिच्छू डॉट कॉम। भाजपा ने नगरीय निकाय चुनाव को लेकर घोषणा पत्र की जगह संकल्प पत्र  लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी की है। प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा के अनुसार संकल्प पत्र स्व-स्पर्शी और समन्वित होगा जिसमें  हर वर्ग और हर समाज के सुझाव लेने की जिम्मेदारी चुनाव संचालन समिति को सौंपी गई है। इसमें समाज के वरिष्ठजन, प्रबुद्ध वर्ग, चिकित्सक, इंजीनियर, वास्तु चित्रकार, पर्यावरणविद, वकील, सीए, प्राध्यापक, विभिन्न क्षेत्रों के व्यापारी संगठन, उद्योगपति, पथ विक्रेता संघ के पदाधिकारी, कामकाजी महिलाएं, कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं, रहवासी संघ के पदाधिकारियों, ऑटो चालक संघ के पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों आदि से सुझाव लिए जाकर इसे संकल्प पत्र में समाहित किया जाएगा। दरअसल इसके पीछे भाजपा की सोच है कि नगर सरकार द्वारा समाज के हर क्षेत्र और हर वर्ग के लोगों की उम्मीदों को पूरा किया जा सके। इसके लिए समिति के सदस्यों खेलों में जाकर लोगों से चर्चा करेंगे और अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेंगे। जानकारी के मुताबिक चुनाव संचालन समिति के प्रत्येक सदस्य को तीन से चार जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी को नियत समयसीमा 25 फरवरी के पहले अपने प्रभार के जिलों में जाकर संकल्प पत्र के लिए जनता से सुझाव लेना है। यही नहीं जिलों में संवाद के बाद प्रतिनिधियों को मीडिया से भी अनिवार्य रूप से रूबरू होने को कहा गया है।
दौरे से कार्यकर्ताओं में आएगी एकजुटता
प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा की निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर सतत संपर्क और संवाद में कोई कमी नहीं है। अब इन्ही तैयारियों को लेकर वे आज से अपने दौरे की शुरुआत भी कर रहे हैं। इस दौरान वे हर नगर निगम और चुनिंदा नगरपालिका क्षेत्र में जाकर लोगों से सीधा संवाद करेंगे। दौरे की शुरूआत वे अपने संसदीय क्षेत्र कटनी जिले से कर रहे हैं। इस दौरान वीडी शर्मा बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे। कार्यकर्ताओं  को एकजुट करने के टिफिन पार्टी भी करेंगे। इसके अलावा वे विभिन्न समाज, कारोबारी, छात्र एवं कामकाजी वर्ग की अलग-अलग बैठकें भी लेंगे।
समिति को सौंपी जिम्मेदारी
प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा द्वारा नगरीय निकाय चुनाव को लेकर चुनाव संचालन समिति को जिम्मेदारी दी गई है। इसके तहत समिति के सदस्य जिलों में जाकर जनता से संवाद करेंगे, उनके सुझाव लेंगे और अपनी रिपोर्ट प्रदेशाध्यक्ष को सौंपेंगे। जिसके बाद विभिन्न क्षेत्र, वर्ग के इन सुझावों को संकल्प पत्र में समाहित किया जाएगा। 

Related Articles