16 से देश में टीकाकरण: दो और टीके जल्द

नई दिल्ली, बिच्छू डॉट कॉम। तीन दिन बाद देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रय शुरू होगा। इससे पहले टीके की डोज राज्यों को मिलना शुरू हो चुका है लेकिन इस बीच टीके की कीमतों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। एक ओर राज्य सरकारें टीकाकरण पर खर्च के लिए केंद्र से मदद मांग रही हैं, वहीं दूसरी ओर एक सामान्य व्यक्ति के लिए टीका की कीमत क्या रखी जाए? यह अब तक तय नहीं हुआ है। इस पर राजनीति से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र तक में एक बहस भी छिड़ी है। ऐसे में इन सवालों के जवाब तलाशना शुरू किया तो भारत सरकार की टीकाकरण पर रणनीति अलग-अलग चरणों में विभाजित पाई गई। देश में फिलहाल दो तरह के टीके को आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति दी गई है।
एक होगा स्वदेशी तो दूसरा रूस का
अगले एक महीने में दो और टीके सामने आ रहे हैं जिनमें से एक स्वदेशी जाइडस कैडिला कंपनी का है। जबकि दूसरा रूस का स्पूतनिक-5 टीका है। फिलहाल यह दोनों टीके अंतिम चरण के परीक्षण स्थिति में चल रहे हैं। सरकार की योजना के ही अनुसार, मार्च माह के पहले सप्ताह तक देश में चार और अप्रैल माह के अंत तक पांच तरह के टीके उपलब्ध होंगे। तब तक देश में तीन करोड़ स्वास्थ्य कर्मचारी और सुरक्षा जवानों को टीका दिया जाएगा। बाजार में पांच तरह के टीके उपलब्ध होने के बाद इनकी कीमतों में भी कमी आएगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के साथ मिलकर फिर कीमतों पर विचार करेंगे।
भारत बायोटेक ने कोवैक्सिन की 16 लाख डोज मुफ्त दीं
नई दिल्ली। देश में वैक्सीनेशन की तैयारियों को लेकर मंगलवार को केंद्र सरकार ने वीकली रिपोर्ट पेश की। इसमें बताया कि देश में कोवीशील्ड और कोवैक्सिन के अलावा 4 और वैक्सीन पर तेजी से काम हो रहा है। सभी अलग-अलग ट्रायल स्टेज में हैं। इनमें जायडस कैडिला की वैक्सीन और रूस की वैक्सीन स्पूतनिक-तीसरे फेज के ट्रायल में है। इसके अलावा बायोलॉजिकल और पुणे की जेनोवा कंपनी ने पहले फेज का ट्रायल शुरू किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि ये सभी वैक्सीन भारत में ही तैयार हो रहीं हैं। इनकी मैन्युफैक्चरिंग भी देश में ही होगी। आने वाले कुछ महीनों में इनमें से सभी या फिर कुछ वैक्सीन को इमरजेंसी यूज के लिए अप्रूवल मिल सकता है।

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