ग्वालियर में दो आरक्षकों ने ‘स्टाप बैंकिंग फ्रॉड’ व्हाटस ग्रुप बनाकर ठगों से बचाए 12 करोड़ रुपए

75 ई-वालेट कंपनी के नोडल अधिकारी, देशभर के साइबर सेल के सदस्य और पुलिस थाना के साथियों को जोड़ा

ग्वालियर, बिच्छू डॉट कॉम । आनलाइन ठगी के अपराधों में जामताड़ा की राह पर चल निकला ग्वालियर इस अपराध से मुकाबला भी कर रहा है। राज्य साइबर सेल के ग्वालियर जोन के दो आरक्षक ऐसे ठगों की राह में दीवार बनकर खड़े हैं। इन्होंने ‘स्टाप बैंकिंग फ्रॉड’ नाम से व्हाटस ऐप-टेलीग्राम ग्रुप बनाया है। साढ़े तीन साल में यह ग्रुप देशभर में 12 करोड़ रुपए ठगों से बचा चुका है। इसमें ग्वालियर के लोगों से ठगे गए करीब तीन करोड़ रुपए भी शामिल हैं। ग्रुप में देशभर के करीब दो हजार सदस्य हैं। आरक्षक पुष्पेंद्र सिंह यादव व राधारमन त्रिपाठी ने मार्च 2017 में ग्रुप बनाया था। इसमें देश की 75 ई-वालेट कंपनी के नोडल अधिकारी, देशभर के साइबर सेल के सदस्य और पुलिस थाना के साथियों को जोड़ा गया। आनलाइन धोखाधड़ी की सूचना मिलते ही जानकारी ग्रुप में दी जाती है। जिस कंपनी के ई-वालेट में ठगी का पैसा जाता है। उसका नोडल अधिकारी राशि का आदान-प्रदान रोक देता है। अगले दो दिन में यह रुपए संबंधित व्यक्ति के खाते में वापस भेज दिए जाते हैं। इस मामले में जरूरी यह है कि पीडि़त को ठगी के 12 से 15 घंटे के अंदर साइबर टीम को सूचना देनी होती है।
ऐसे आया था विचार:
राधारमन व पुष्पेंद्र के पास मुरार का एक फेरी वाला आया था। उसने बताया कि किसी ने उसके एटीएम कार्ड का नंबर पूछकर खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए हैं। दोनों आरक्षकों ने ई-वालेट कंपनी की मदद से उसे यह रकम वापस दिलवाई। इसके बाद दोनों आरक्षकों को ग्रुप बनाने का विचार आया।
जिम्मेदार यह बोले:
ग्वालियर पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल बोले, पिछले कुछ सालों में 12 करोड़ रुपए हमारे स्टाप बैंकिंग फ्रॉड ग्रुप के माध्यम से बचाए गए हैं। टीम अच्छा काम कर रही है। लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं।

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