ऑनलाइन शिक्षा में जबलपुर सहित 16 जिलों की स्थिति चिंताजनक

जबलपुर, बिच्छू डॉट कॉम। ऑनलाइन शिक्षा से शिक्षक स्वयं को जोड़ नही पा रहे। 70 फीसद शिक्षक इससे बच रहे हैं। एम शिक्षा मित्र एप पर जानकारी दर्ज कराने की शिक्षकों की स्थिति में सुधार में नहीं आ रहा है। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा महज खानापूर्ति बनकर रह गई है। समीक्षा में जबलपुर जिला 36 फीसद से भी कम प्रदर्शन करने वालों में शामिल किया गया है। ऐसे में शिक्षक भी बैखोफ है, क्योंकि उन पर कार्रवाई करने की हिम्मत कोई अधिकारी नहीं जुटा पाते। लेकिन कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा पर सरकार का पूरा जोर है। इसके बावजूद शिक्षक इसमें सहयोग नहीं कर रहे हैं। प्रदेश के 16 जिले ऐसे हैं, जहां 35 फीसद से ज्यादा स्कूलों से एक भी शिक्षक ने एम शिक्षा मित्र पोर्टल पर जानकारी दर्ज नहीं कराई है। इनमें अलीराजपुर 57, आगर मालवा 50, मुरैना 46, देवास 46, निवारी व विदिशा 44-44,बुरहानपुर व रतलाम 43-43, बड़वानी-शिवपुरी 40-40, खरगोनव धार 39-39, टीकमगढ़ 38, श्योपुर व जबलपुर 36-36 और मंदसौर जिले के 35 फीसद शिक्षक शामिल हैं।
जिले में 1 लाख 44 हजार विद्यार्थी दर्ज: जब हमारा घर हमारा विद्यालय योजना में शिक्षकों की भागीदारी पर जोर दिया गया तो शिक्षक संगठनों ने कोरोना संक्रमण की स्थिति में जिम्मेदारी का सवाल उठाकर अफसरों पर दबाव बनाकर काम नहीं किया। जिले में कक्षा एक से लेकर आठवीं तक 1 लाख 40 हजार बच्चें स्ंकूलों में दर्ज हैं। ऑनलाइन शिक्षा मामले में लचर स्थिति को अधिकारी डेटा अपडेट नहीं है, कहकर छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। यह स्थिति ऑनलाइन शिक्षा के लिहाज से गौर करने लायक है।
अब ऑफलाइन पढ़ाई जल्द: शिक्षाविदों का कहना है कि जब शिक्षक घर-घर जाकर ही पढ़ा रहे हैं तो ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन भी पढ़ा सकते हैं। ग्रामीण विद्यार्थी अब भी ऑफलाइन शिक्षा में ही सहज महसूस करते हैं। ऑनलाइन शिक्षा के कई दुष्परिणाम भी सामने आ रहे हैं। छात्रों को मोबाइल पर वक्त ज्यादा गुजरता है, जो एक चिंतनीय स्थिति है।

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