नाथ का बड़ा बाबू बचा रहा है सुरेंद्र संघवी को

The great Babu of Nath is saving Surendra Sanghvi

भोपाल/राजीव चतुर्वेदी/बिच्छू डॉट कॉम। कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार में बड़े बाबूृ के नाम से मशहूर हो चुके पूर्व आईएएस अफसर इन दिनों एक बिल्डर माफिया को बचाने में पूरी ताकत लगाए हुए हैं। यही वजह है कि यह माफिया लगातार पुलिस की तलाश के बाद भी गिरफ्त से बचा हुआ है। खास बात यह हैै कि बड़े बाबू के बेहद खास होने की वजह से ही उसे अब भी कई अफसरों की मदद मिल रही है। इस माफिया की पुलिस द्वारा गठित की गई एसआईटी को 3250 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले के मामले में तलाश है। दरअसल यह वो बड़े बाबू हैं, जो पूर्व में इंदौर प्रशासन की कमान संभाल चुके हैं। इसी दौरान बिल्डर माफिया बन चुके सुरेंद्र संघवी और बड़े बाबू के बीच संबंध बेहद प्रगाढ़ हो गए थे। सूत्रों का कहना है कि इसके बाद से संघवी पर बड़े बाबूृ की ऐसी कृपा बरसना शुरू हुई की बड़े बाबू ने अपनी काली कमाई का एक बड़ा हिस्सा तक उनके हवाले कर दिया।
यह हिस्सा करीब चार सौ करोड़ रुपए का बताया जाता है। हाल ही में जब उक्त माफिया की तलाश तेज हुई तो बड़े बाबू ने अपने मातहत और करीबी रहे अफसरों की मदद उन्हें बचाने में मांगी है। इन अफसरों की मदद से ही संघवी अब तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ पा रहा है।  यह वो बड़े बाबू हैं, जो खुद ही नौकरी में रहते एक बड़े घोटाले में फंस कर बेहद चर्चित रह चुके हैं, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार बनने के बाद बड़े बाबू का ओहदा मिलते ही अपनी जांच को बंद कराने में सफल रहे हैं। नाथ सरकार में इन बड़े बाबू ने जमकर मनमानियां की। यह बड़े बाबू प्रदेश के बहुचर्चित हनीट्रेप में नाम आने से भी चर्चित रह चुके हैं। उनके करीब आधा दर्जन युवतियों से संबंध  होने की बात कही जाती रही है, लेकिन बड़े बाबू का रुतबा मिलने की वजह से वे स्वयं को इस मामले में बचाने में सफल रहे हैं।
दो दिन पहले फरार सुरेंद्र संघवी की तलाश में भोपाल के एमपी नगर इलाके के पांच  सितारा
होटल में रविवार को इंदौर की पुलिस टीम ने छापा मारा पर संघवी वहां भी नहीं मिला। दरअसल पुलिस को खबर मिली थी कि वह एक नामचीन होटल में सुभाषचंद्र निगम के फर्जी नाम से रुका हुआ है। पुलिस ने इस दौरान होटल में करीब एक घंटे तक छानबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिलने से खाली हाथ ही टीम को रवाना होना पड़ा। इसके अलावा पुलिस की एसआईटी की टीम शहर के अरेरा कॉलोनी स्थित उनके दूसरे ठिकाने पर भी पहुंची, लेकिन इस बीच पुलिस का एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से खराब हुआ तो यह टीम वापस लौट गई।  देर रात मालूम पड़ा कि संघवी की मोबाइल लोकेशन भोपाल के पॉश इलाके चार इमली में पाई गई, जहां उक्त ‘बड़ा बाबू’ रहता है।
माफिया के रिश्तेदारों से पूछताछ
एसआईटी का एक जांच दल द्वारा इस मामले में इंदौर के साकेत कालोनी निवासी कालेज संचालक अजीत झंवर और उनके बेटे श्रीजीत से भी पूछताछ  की जा चुकी है। इन दोनों के मोबाइल नंबर काल डिटेल में सामने आए थे। बताया जाता है कि एक फरार माफिया फरारी के पूर्व इनके संपर्क में था। बयानों में झंवर ने कहा कि आरोपी उनका रिश्तेदार है, लेकिन उनका उसके कारोबार से कोई मतलब नहीं है। इसके बाद टीम ने गीता भवन स्थित एक इमारत में रहने वाले प्रापर्टी ब्रोकर दिलीप गुप्ता को हिरासत में लेकर रातभर पूछताछ के बाद सुबह छोड़ा।  
कॉल डिटेल में कई अफसरों के नंबर मिले
पुलिस द्वारा जब फरार चल रहे संघवी के मोबाइल फोन की कॉलडिटेल निकाली तो वह चौंक गई। दरअसल इस डिटेल में दर्जनों अफसरों के मोबाइल नंबर मिले हैं, जिस पर उसकी अक्सर बात होना पाया गया है। इनमें से कई अफसरों से उसकी फरारी के समय भी बात होना पाया गया है। इस बीच पुलिस को पता चला है कि  संघवी अपने चहेते अफसरों की मदद से फरारी काट रहा है। इंदौर जिला प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकरी संघवी को पता चल गई थी, जिसकी  वजह से वह पुलिस के आने के पहले ही फरार हो गया। यही नहीं उसके द्वारा जब अपने खिलाफ कार्रवाई होने की जानकारी मिली तो उसके द्वारा लगातार अपने संपर्कों और रसूख की दम पर अपना नाम कार्रवाई से बाहर करवाने के भी भारी प्रयास किए गए। फिलहाल इंदौर पुलिस द्वारा उसके सिर पर दस हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया हुआ है।

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