…तो तीन सैकड़ा निरीक्षकों को मिल जाएगा डीएसपी का ओहदा

... then three hundred inspectors will get the rank of DSP

भोपाल/प्रणव बजाज/बिच्छू डॉट कॉम। पुलिस मुख्यालय द्वारा हाल ही में भेजे गए एक प्रस्ताव को अगर गृहविभाग मंजूर कर लेता है तो प्रदेश के करीब तीन सौ निरीक्षकों को डीएसपी पद का ओहदा मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। इससे पुलिस विभाग को कई तरह की जांच में इस पद के अफसरों की कमी के संकट से मुक्ति मिल जाएगी। फिलहाल प्रदेश में अभी आरक्षक से लेकर एसआई तक के पुलिसकर्मियों को उच्च पद का प्रभार देने की प्रक्रिया की जा रही है। नए प्रस्ताव के तहत पुलिस मुख्यालय निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को भी उच्च पद का प्रभार दिए जाने की प्रक्रिया शुरू करने की मंशा रखती है। इसके लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा पुलिस रेगुलेशन की धारा-45 में संशोधन करने संबंधी प्रस्ताव गृह विभाग को भेज दिया है।
गौरतलब है कि प्रदेश में पुलिसकर्मियों और गैर राजपत्रित अधिकारियों को उच्च पद का प्रभार देने संबंधी आदेश पहले जारी किया जा चुका है , जिसकी वजह से पुलिस मुख्यालय द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकृति मिलना तय है। राज्य सरकार निरीक्षक से निचले स्तर के कर्मचारियों को उच्च पद का प्रभार देने के लिए पुलिस रेगुलेशन की धारा-72 में संशोधन पहले ही कर चुकी है। इसकी वजह से ही अब प्रदेश में निचले स्तर के कर्मचारियों को उच्च पद का प्रभार देने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। नया आदेश प्रभावी होने की वजह से अब सिपाही को हवलदार, हवलदार को एएसआई, एएसआई को एसआई और एसआई को टीआई स्तर के अधिकारियों का प्रभार दिया जा रहा है।
मिल चुकी है सैद्धांतिक सहमति
अधिकारियों की कमी और विवेचना का कार्य प्रभावित होने की वजह से प्रदेश सरकार निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को उच्च पद का प्रभार देकर डीएसपी बनाना चाहती है। इसके लिए पुलिस रेगुलेशन की धारा-45 में बदलाव करना जरुरी है। इसके लिए पहले से पुलिस मुख्यालय स्तर से गृहमंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा कर सैद्धांतिक सहमति भी ले ली गई है। इसके बाद ही बदलाव करने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद निरीक्षक स्तर के 300 सौ से अधिक अधिकारियों को डीएसपी का प्रभार देने का रास्ता खुल जाएगा। फिलहाल डीएसपी के रिक्त पदों में से करीब 343 पदों को पदोन्नति के जरिए भरा जाना है। इसके अलावा अन्य पद सीधी भर्ती के हैं।
नियमानुसार पचास प्रतिशत पद सीधी भर्ती और पचास प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाने का प्रावधान है। सीधी भर्ती के जरिए भरे जाने वाले डीएसपी के करीब 250 पद रिक्त हैं। पुलिस मुख्यालय तत्काल पद भरने के लिए सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर उच्च पद का प्रभार दिए जाने की अनुमति चाहता है, जिससे कि इनकी पूर्ति तात्कालिक रुप से की जा सके। आर्थिक भार न आने की वजह से शासन को भी इससे परेशानी नहीं होगी। फिलहाल अभी सीधी भर्ती के डीएसपी के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए बहुत ही कम संख्या में भर्ती हो रही है। इन्हें भी प्रशिक्षण के बाद पदस्थ करने में तीन से चार साल का समय लग जाता है। एक साल भर्ती और एक साल ट्रेनिंग में लग जाते हैं। उसके बाद उन्हें परिवीक्षा अवधि में रखा जाता है। इसके इतर, पदोन्नति से पद भरने पर उन्हें सीधे मैदानी पदस्थापना दी जा सकती है।

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