एसबीआई लोन मेरिटोरियम: 2 साल तक मिलेगी ईएमआई जमा नहीं करने की छूट, लेकिन चुकाना होगा इतना ब्याज


एसबीआई लोन मेरिटोरियम: के लिए एक-तिहाई प्रतिशत बढ़ेगा ब्याज, एसबीआई के पोर्टल से जानिए कर्ज चुकाने को ज्यादा अवधि मिलेगी या नहीं, ग्राहकों को अधिकतम 20 महीनों के लिए मिलेगी मोरेटोरियम सुविधा


नई दिल्ली, बिच्छू डॉट कॉम। कोरोना काल में कर्जदाताओं को राहत पहुंचाने के लिए सरकार और आरबीआई ने लोन मोरेटोरियम की शुरुआत की थी। इससे लॉकडाउन के मुश्किल समय में लोगों को ईएमआई जमा करने पर छूट मिली। हालांकि इस अवधि में ब्याज वसूला जाएगा या नहीं, यह मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इस बीच, देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने नया पोर्टल लांच कर अपने ग्राहकों को नई सुविधा की है। इस पोर्टल के माध्यम से एसबीआईके ग्राहक खुद पता लगा सकते हैं कि वह मोरेटोरियम सुविधा के योग्य हैं या नहीं। योग्य होने पर उन्हें अधिकतम 2 साल तक मोरेटोरियम की सुविधा मिल सकती है यानी दो साल तक उन्होंने पूर्व में जो सावधि कर्ज लिया है उसके लिए कोई मासिक किस्त नहीं देनी होगी। हां, जब मासिक किस्त की शुरुआत होगी तो उन्हें सामान्य से 0.35 फीसदी ज्यादा ब्याज देना होगा। एसबीआई के एमडी (रिटेल व डिजिटल बैंकिंग) सीएस सेठी के मुताबिक, लोन मेरिटोरियम की अवधि 31 अगस्त को समाप्त हो चुकी है और उसके बाद काफी संख्या में ग्राहक विभिन्न शाखाओं में पूछताछ के लिए जा रहे हैं। अब वे एसबीआईके पोर्टल से अपनी योग्यता जान सकेंगे। इसमें ग्राहकों को इस वर्ष फरवरी से पहले और वर्तमान कमाई का ब्योरा देना होगा। साथ ही यह बताना होगा कि वह अधिकतम 2 वर्षों की अवधि में से कितने समय के लिए लोन मेरिटोरियम चाहता है और अवधि के बाद उसकी संभावित आमदनी क्या होगी। इस सूचना के आधार पर पोर्टल पर ही उसकी योग्यता का आकलन हो जाएगा। ग्राहक से यह सूचना भी साझा हो जाएगी कि उसे कितनी अवधि के लिए लोन मेरिटोरियम मिला है और उसकी मासिक किस्त बाद में क्या होगी। इससे यह भी साफ है कि जिन लोगों को एसबीआई लोन मेरिटोरियम के योग्य नहीं माना जाएगा उनसे कर्ज वसूली के दूसरे तरीके आजमाए जाएंगे। कोरोना संकट को देखते हुए केंद्र सरकार के सुझाव पर बैंकों के नियामक एसबीआई ने सभी तरह के सावधि कर्ज की अदायगी पर पहले 31 मई और फिर 31 अगस्त, 2020 तक के लिए रोक (लोन मेरिटोरियम) लगा दिया था। अब कॉरपोरेट लोन ग्राहकों के लिए तो रिस्ट्रक्चरिंग के नियम बनाए जा रहे हैं, जबकि रिटेल लोन ग्राहकों के मामले पर फैसला करने का अधिकार बैंकों को दे दिया गया है। एसबीआई पहला बैंक है जिसने होम, ऑटो लोन या अन्य छोटे लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए कोई स्कीम लांच की है। स्क्चढ्ढ को उम्मीद है कि रिटेल लोन लेने वाले ज्यादातर ग्राहक मोरेटोरियम सुविधा का फायदा नहीं उठाएंगे। सोमवार को शाम तक सिर्फ 3,000 लोगों ने साइट पर विजिट किया था जिसमें से तीन प्रतिशत को योग्य माना गया है।

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