मप्र के किसानों को आंदोलित करने में जुटे कांग्रेस के क्षेत्रीय क्षत्रप

Regional satraps of Congress engaged in agitating farmers of MP

भोपाल/गणेश पाण्डेय/बिच्छू डॉट कॉम। कांग्रेस के पूर्व मंत्री और क्षेत्रीय क्षत्रप अब अपने-अपने इलाके में किसानों को आंदोलित करने में जुट गए हैं। ग्वालियर चंबल संभाग में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक डॉ गोविंद सिंह और युवा विधायक प्रवीण पाठक, विंध्य क्षेत्र में पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, मालवा निमाड़ अंचल में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव एवं पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा तो महेश्वर में पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ ने ट्रेक्टर रैलियां और किसान सम्मेलन आयोजित कर भारत सरकार के किसानों से संबंधित तीन कानूनों के खिलाफ आंदोलन खड़ा करने की कोशिश में जुट गए हैं।
कांग्रेस नेताओं के किसान सम्मेलन और रैलियों में बढ़ती भीड़ राज्य सरकार के लिए चिंता का सबब बन गई है। लहार में किसानों के समर्थन में पूर्व मंत्री और लहार के विधायक डॉ गोविन्द सिंह की अगुवाई में किसानों के समर्थन में मोदी सरकार के काले कानूनों के खिलाफ ट्रैक्टर महारैली का आगाज किया गया, जिसमें लगभग दो हजार ट्रैक्टर किसान चालकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ रैली में हिस्सा लिया। इस दौरान पूर्वमंत्री और लहार विधायक डॉ. गोविन्द सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 50 साल में हमारे देश में जो एमएसपी और न्यूनतम समर्थन मूल्य की जो प्रणाली थी, उसे खत्म किया जा रहा है। पब्लिक प्रोक्योरमेंट और एफसीआई जो सार्वजनिक वितरण के लिए अनाज खरीदती है, उसे भी खत्म किया जा रहा है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात तो यह है कि केन्द्र सरकार ने अध्यादेश लाने से पूर्व राज्य सरकारों से विचार- विमर्श करना भी मुनासिब नहीं समझा। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने अपने संसदीय क्षेत्र सतना में किसानों की रैली निकालकर उन्हें संबोधित किया। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों की नहीं बल्कि अडानी और अंबानी की बात सुनते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीतियां किसान विरोधी है। खेत-खलिहान को पूंजीपतियों के हाथ गिरवी रखने का घिनौना षड्यंत्र कर रही है। मोदी सरकार कृषि को गुलामी की जंजीरों में जकड़ने का षड्यंत्र रच रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने भी पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के साथ देवास और शाजापुर में रैली निकालकर किसानों को किसी कानून के खिलाफ आंदोलित करने की उत्प्रेरित किया। इसी तरह की किसानों की एक रैली महेश्वर में पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ की अगुवाई में निकाली गई।
तोमर के क्षेत्र में 16 महीने से नहीं मिला वेतन
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के संसदीय क्षेत्र की मंडियों में काम करने वाले कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ रहे हैं। सात मंडियों में से छह मंडियां ऐसी हैं जिनमें एक करोड़ से ज्यादा की राशि के वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। कृषि मंत्री के संसदीय क्षेत्र में एक मंडी तो ऐसी है जहां के कर्मचारी पिछले सोलह महीने से वेतन मिलने की बाट देख रहे हैं।
ग्वालियर संभाग में 4 करोड़ से अधिक बकाया
पूरे ग्वालियर संभाग की मंडियों में लंबित वेतन राशि की बात करें तो यह 4 करोड़ 64 लाख 92 हजार 542 रुपए है। 16 मंडियों में से एक मंडी (लश्कर) ग्वालियर की है। गुना की दो (कुंभराज और राघौगढ़), शिवपुरी ( शिवपुरी और करेरा) की दो, भिंड की पांच (भिंड,लहार,आलमपुर और मेहगांव) और मुरैना की 6 मंडियां हैं।
48 मामले, जब किसान ठगी का शिकार हुए
इस तकरीर के बाद तस्वीर का दूसरा पहलू जानिए। किसान संगठनों और किसानों के लिए काम कर रहे संगठनों का दावा है कि मप्र में नए कृषि कानूनों के लागू होने के बाद अब तक कुल 48 ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें किसानों ने मंडी के बाहर अपना अनाज बेचा और ठगी के शिकार हुए। 48 ठगी के मामलों में से केवल तीन ही ऐसे मामले हैं, जिनमें किसानों को इंसाफ मिल सका है। जबकि 45 किसान अभी भी दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। मंडी के बाहर अनाज को बेचा इसलिए पांच महीने से पैसों के लिए दौड़ रहा है। गुना जिले के रहने वाले मनोज धाकड़ (25 वर्षीय) कह रहे हैं कि मंडी के बाहर अनाज को बेचा इसलिए पांच महीने से पैसों के लिए दौड़ रहा हूं। मनोज धाकड़ गुना जिÞले के उन 13 किसानों में शामिल हैं जो एक व्यापारी के द्वारा ठगे गए हैं।

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