अफसर, माननीयों की विधानसभा में लगी याचिकाओं को भी नहीं देते हैं तबज्जो

Officers do not even give petitions to Hon'ble Legislative Assembly

भोपाल/राजीव चतुर्वेदी/बिच्छू डॉट कॉम। लगता है कि मप्र के अफसरों को किसी का डर ही नहीं रहा है। शायद यही वजह है कि वे विधानसभा में माननीयों द्वारा अपने क्षेत्र के विकास के लिए लगाई गई याचिकाओं तक पर अफसर काम करना तो ठीक गौर तक नहीं करते हैं। इसकी बानगी है पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अन्तर्गत मप्र राज्य रोजगार गारंटी परिषद। इसके पास बीते एक साल से करीब 115 याचिकाएं लंबित पड़ी हुई हैं। खास बात यह है कि इसको लेकर कई बार आला अफसर भी पत्र लिखकर चेता चुके हैं इसके बाद भी जिम्मेदार अफसर इन मामलों में गौर करने को तैयार नजर नहीं आ रहे हैं। अपने क्षेत्र में विकास कार्य को लेकर सागर जिले के नरयावली विधायक इंजी. प्रदीप लारिया ने याचिका विधानसभा में लगाई थी। यह याचिका ग्राम टीलाखेड़ी के पटाघाट पर निर्माण को लेकर लगाई गई थी, लेकिन उनकी इस याचिका पर सालभर बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। दरअसल अपने क्षेत्र के विकास के लिए हर विधानसभा सत्र के दौरान विधायक विधानसभा में याचिकाएं लगाते हैं, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी उन पर समय पर कार्रवाई ही नहीं करते हैं। इन माननीयों की याचिकाओं को विधानसभा के माध्यम से संबंधित विभागों को भेजकर रिपोर्ट मांगी जाती है। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अन्तर्गत मप्र राज्य रोजगार गारंटी परिषद के अन्तर्गत 115 याचिकाओं का अबतक निकराकरण ही नहीं किया गया है। यह सभी याचिकाएं 33 जिलों के सीईओ जिला पंचायत के तहत आती हैं।
नसीहत भी नहीं आ रही काम
राज्य रोजगार गारंटी परिषद ने सभी 33 जिलों के सीईओ जिला पंचायत को नसीहत दी है। अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी निधि निवेदिता ने 5 नवंबर को लिखा है कि विधानसभा याचिकाओं की जानकारी समय पर प्राप्त न होने से विधानसभा सचिवालय को उत्तर भेजने में विलंब होता है। इस संबंध में लगातार पत्र लिखते हुए पालन प्रतिवेदन मांगे जा रहे हैं लेकिन आज दिनांक तक जानकारी अप्राप्त है। आपके जिले से संबंधित लंबित विधानसभा याचिकाओं पर अंतिम कार्यवाही पूर्ण कराते हुए पालन प्रतिवेदन भेजें।
इन 33 जिलों में बरती जा रही लापरवाही
इस मामले में गंभीर लापरवाही बरतने वाले जिलों अलीराजपुर, उज्जैन, कटनी, खंडवा, खरगौन, छतरपुर, छिंदवाड़ा, जबलपुर, टीकमगढ़, दमोह, दतिया, देवास, धार, नरसिंहपुर, निवाड़ी, नीमच, पन्ना, बालाघाट, भोपाल, मंदसौर, मंडला, मुरैना, राजगढ़, रीवा, विदिशा, शाजापुर, शिवपुरी, श्योपुर, सागर, सिवनी, सतना, सीधी, होशंगाबाद, हरदा शामिल हैं।


ये हैं कुछ याचिकाएं

  • अलीराजपुर जिले के अन्तर्गत ग्रामीण अंचल में आवागमन की सुविधा हेतु रोड निर्माण कार्य।
  • उज्जैन के ग्राम पर सोली, पचौला, झलारा एवं करंज के सरकारी तालाबों का गहरीकरण एवं जीर्णोद्धार।
  • छतरपुर जिले के चंदला विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत करहनी में अजना नाला में पुल निर्माण एवं स्टापडेम का निर्माण।

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