अब ठेकेदार तीन सालों तक लगातार कर सकेंगे रेत का खनन

Now contractors will be able to do sand mining continuously for three years

भोपाल/राजीव चतुर्वेदी/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में रेत के ठेके होने के बाद भी अवैध उत्खनन का कारोबार बंद नहीं हो पा रहा है। खनन माफिया पर लगाम कसने में प्रशासन पूरी तरह से लगातार असफल साबित हो रहा है। इसकी वजह से सत्तापक्ष लगातार विपक्ष के निशाने पर बना रहता है। यही वजह है कि अब सरकार को इस मामले में कई तरह के नए नियम बनाने पड़ रहे हैं। इसके तहत अब राज्य सरकार द्वारा नए नियम बनाते हुए उनके लिए ठेके की अवधि एक साल की जगह तीन साल तय कर दी है। इसकी वजह से अब प्रदेश में हर वर्ष की तरह रेत खनन के लिए तीन साल में ठेके होंगे। इस वजह से ठेकेदार तीन वर्ष तक खनन कर सकेगा। इससे खनिज साधन विभाग को हर साल ठेके देने की प्रक्रिया करने से राहत मिल गई है। इसके लिए सरकार द्वारा खनिज साधन विभाग ने मप्र रेत खनन, परिवहन, भंडारण तथा व्यापार नियम-2019 में संशोधन कर दिया गया है। इसके तहत अब खनन के लिए संबंधित ठेकेदार को आशय-पत्र देने के साथ ही ठेका अवधि की गणना शुरू होगी। प्रथम वर्ष की गणना आशय-पत्र जारी करने की अवधि से 30 जून तक मानी जाएगी। भले ही उसकी एक साल की अवधि पूरी नहीं हुई हो। इसके लिए  एक जुलाई से नया साल माना जाएगा। गौरतलब है कि जून के बाद बारिश की वजह से नदियों से रेत का व्यावसायिक खनन प्रतिबंधित कर दिया जाता है। इसकी वजह है बारिश का सीजन शुरू होने की वजह से नदियों में पानी का प्रवाह बढ़ने से बाढ़ के हालात भी बनते हैं। इसकी वजह से रेत खनन जोखिमपूर्ण होता रहता है। यह स्थिति अगले तीन माह तक रहने की वजह से खनन की वार्षिक अवधि का समय 30 जून तय किया गया है। प्रदेश में रेत का अवैध कारोबार को रोकने और वैध कारोबार में नियमों का पालन तय करने के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं। यही नहीं अब रेत ठेकेदारों द्वारा कहीं भी रेत का भंडारण भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। नए बदलाव के बाद जहां से रेत का खनन किया जाएगा उसके 5 से 8 किमी के दायरे में ही रेत का भंडारण किया जा सकेगा।
अनुबंध न करने पर राजसात होगी धरोहर राशि
नए नियमों में किए गए प्रावधानों के अनुसार आशय -पत्र धारक को खदान संचालन की सहमति यानी सीटीओ प्राप्त होने के सात दिन के अंदर जिला समूह के साथ अनुबंध के लिए आवेदन नहीं किया है या अनुबंध के निष्पादन की स्वीकृति के लिए सूचना प्राप्त होने के पांच दिन के भीतर अनुबंध नहीं किया तो फिर उसकी धरोहर राशि को राजसात कर जारी आशय -पत्र को निरस्त कर दिया जाएगा। यदि इस मामले में लापरवाही दिखाई तो उन्हें ठेके से हाथ धोना पड़ सकता है और सिक्योरिटी मनी से भी हाथ धोना पड़ सकता है।
सरकारी कामों के लिए कलेक्टर को अधिकार  
नए नियमों के तहत अस्थाई रूप से रिक्त समूह की रेत खनिज जो केंद्र सरकार या राज्य सरकार या केंद्र सरकार के किसी विभाग, उपक्रम के स्थानीय निकाय या केंद्र या राज्य सरकार के किसी विभाग, उपक्रम या स्थानीय निकाय के निर्माण कार्यों के लिए जरुरी होने पर उत्खनन करने, हटाने तथा परिवहन करने के लिए उत्खनन अनुज्ञा 30 दिन की अवधि के लिए राज्य सरकार द्वारा तय की गई शर्त पर कलेक्टर दे सकेंगे। खनिज साधन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।

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