5 माह बाद भी लागू नहीं हो सके अग्नि सुरक्षा के नए प्रावधान

New provisions of fire protection could not be implemented even after 5 months

भोपाल/हृदेश धारवार/बिच्छू डॉट कॉम।  पांच माह पहले सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा जिन प्रावधानों को मंजूरी दी गई , प्रशासन उसे लागू करना ही भूल गया, जिसकी वजह से अब मंत्री को नाराजगी दिखानी पड़ रही है। यह मामला है शहरी इलाकों में भवन की छत व तलघर में रसोई (किचन) संचालित करने का। दरअसल शहरी इलाकों में बहुमंजिला भवनों में पार्किंग की अनुमति वाले तलघरों का उपयोग किचन के रुप में किया जा रहा है। आग से होने वाले हादसों की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार द्वारा पांच माह पहले बीते साल सितंबर 2020 में भूमि विकास नियम 2012 में संशोधन कर किए अग्नि सुरक्षा संबंधी नए प्रावधानों को लागू कर दिया था। यह प्रावधान  नए और पुराने सभी भवनों पर लागू होना हैं। इनके लागू न होने की जानकारी जब विभागीय मंत्री भूपेंद्र सिंह को मिली तो उनके द्वारा न केवल इस पर नाराजगी जाहिर की गई , बल्कि इन्हें सख्ती से लागू करने के निर्देश देने पड़े हैं। खास बात यह  है कि नए  प्रावधानों में छत पर ज्वलनशील पदार्थ रखना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। नए प्रावधानों के तहत अग्नि सुरक्षा के लिए भवन स्वामी की जिम्मेदारी तय की गई है।

नए प्रावधानों को लागू करने के लिए बीते साल अक्टूबर 2020 में कलेक्टरों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन प्रदेश के किसी भी जिले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यही नहीं अब नए प्रावधानों में  छत या तलघर में रसोई के अलावा छतों पर ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण पर रोक के साथ ही छत या छज्जे पर फाइबर चादर लगाने पर भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा लकड़ी, फॉम पेनलिंग, कालीन आदि वस्तुएं गलियारे और सीढ़ियों पर या उसके नीचे नहीं रखे जा सकेंगे। नए प्रावधानों के तहत  वाणिज्यिक एवं अन्य भवन में मुख्य विद्युत पैनल एवं डीजी चेंज ओवर और मैन सप्लाई पैनल केबिनेट, क्लीन एजेंट, गैस फायर, सुप्रेशन सिस्टम होना जरूरी कर दिया गया है। इसके अलावा भवन की सभी मंजिलों, सीढ़ियों और गलियारों में धुआं निकलने की व्यवस्था करनी होगी। राष्ट्रीय भवन संहिता में किए गए प्रावधानों के तहत भवनों का फायर ऑडिट साल में एक बार किया जाएगा और भवन का स्वामी प्रत्येक वित्तीय वर्ष की 30 जून तक अग्नि शमन ऑडिट रिपोर्ट भी देनी होगी।
यह करेंगे ऑडिट रिपोर्ट तैयार  
नए प्रावधानों के तहत अग्नि सुरक्षा की ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने के लिए अग्नि शमन इंजीनियर का प्रावधान किया गया है। इसके लिए उसका स्नातक होने के साथ ही इस क्षेत्र में तीन साल का अनुभव रखना जरूरी कर दिया गया है। वह सभी प्रकार के भवनों की फायर सेफ्टी एवं फायर ऑडिट संबंधी काम के लिए सक्षम होगा। इस प्रावधान को लागू कराने का जिम्मा नगरीय निकाय के आयुक्त और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को दिया गया है। उन्हें सुरक्षा उपायों में लापरवाही बरतने और ऑडिट रिपोर्ट नहीं देने पर भवन की एनओसी रद्द करने का भी अधिकार दिया गया है।

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