एडीएम नहीं, मनीष सिंह ने ही गुटखा परिवहन की अनुमतियां देकर की वाधवानी की सेवा

भोपाल (राधेश्याम दांगी/बिच्छू डॉट कॉम)। सैकड़ों करोड़ रुपए की टैक्स चोरी के आरोपी समाजसेवी (गुटखा किंग) एवं अखबार मालिक किशोर वाधवानी और उसके होलसेलर विके्रताओं को एडीएम ने नहीं, कलेक्टर (डीएम) मनीष सिंह ने ही गुटखा परिवहन की अनुमतियां दी थी। लॉकडाउन अवधि में दबंग दुनिया अखबार के नाम से इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह 21, 22, 23, 24 और 27 मई को सुबह 11 से शाम 5 बजे तक के लिए 35 अनुमतियां जारी की थी। सभी अनुमतियां अलग-अलग प्रतिष्ठानों को दी गई है, जिन पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के हस्ताक्षर मौजूद हैं। 20 मई को सभी 35 प्रतिष्ठानों को गुटखा और पान मसाला परिवहन करने के लिए अलग-अलग तिथियों की अनुमतियां देकर इसकी एक कॉपी प्रमुख सचिव गृह विभाग को भी दी गई। इन अनुमतियों में पान मसाला होलसेलर एवं फुटकर विक्रेताओं की सामग्री को इंदौर जिले में एवं जिले से बाहर भेजने का उल्लेख है। इसमें यह भी जिक्र है कि दो महीने से लॉकडाउन चल रहा है, जिससे सियागंज स्थित पान मसाला होलसेलर एवं फुटकर विक्रेता, जिनका माल ग्रीष्म ऋतु के कारण खराब होने की संभावना है, इसलिए ऐसे पान मसाला व थोक विक्रेताओं की सामग्री इंदौर जिले से बाहर भेजना है। यह सामग्री अन्य जिलों में स्थानांतरित करने की अनुमति देकर किशोर वाधवानी और उसके लोगों को यह अनुमतियां दी है। इसके साथ ही एक प्रतिष्ठान संचालक को एक वाहन पास और तीन कर्फ्यू पास दिए गए, जबकि पान मसाला, गुटखा अत्यावश्वक वस्तु की श्रेणी में ही नहीं आता है।

इन्हें दी मनीष सिंह ने अनुमतियां
शिवम इंटरप्राइजेस, भारत सुपारी स्टोर्स, सत्यम ट्रैडर्स, क्रिश इंटरप्राइजेस, नीरज इंटरप्राइजेस, रुपम इंटरप्राइजेस, जयअंबे सुपारी, मिलन ट्रैडर्स, विशाल सुपारी, ज्योति ट्रैडर्स, अजमेरा ट्रैडर्स, श्री सत्ती ट्रैडर्स, शिवकृपा ट्रैडर्स, ईशा ट्रैडर्स, मोहन सुपारी, करण ट्रैडर्स, लक्ष्मी पान मसाला, रोशनी ट्रैडर्स, विजय एंड कंपनी, लकी ट्रैडर्स, विजय एंड कंपनी, हरी ओम सुपारी सेंटर, लालजी सुपारी, शक्ति सुपारी और आशीष ट्रैडर्स।

कलेक्टर की अनुमतियों की आड़ में की तस्करी
किशोर वाधवानी सहित जिन्हें डीएम (कलेक्टर) इंदौर ने पान मसाला खराब होने का हवाला देकर अनुमतियां दी, उन्होंने कई गाड़ियां माल का अवैध परिवहन किया। लॉकडाउन अवधि में इन अनुमतियों की आड़ में किशोर वाधवानी द्वारा गुटखा की जमकर तस्करी की गई। मनीष सिंह द्वारा लॉकडाउन और कर्फ्यू काल में अनुमतियां देना कई सवाल खड़े कर रहा है। जिस समय इंदौर के लोगों को दूध, सब्जी और खाद्यान्न सामग्री तक समय पर उपलब्ध नहीं हो रही थी, उस अवधि में जिला प्रशासन, वाधवानी व सुपारी-पान मसाला के थोक विक्रेताओं को पास जारी कर पान मसाला परिवहन करवा रहा था। इन अनुमतियों के अलावा व्यवस्था प्रभारी और इस काम का जिम्मा अपर कलेक्टर पवन जैन को सौंपा गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुभाष खेडकर, पुष्पद द्विवेदी, अवशेष अग्रवाल, केएस ठाकुर, नापतौल निरीक्षक एसएस राजपूत की ड्यूटी लगाई गई। इन्हें निर्देश दिया गया कि पवन जैन के नेतृत्व में मौके पर उपस्थित होकर पान मसाला, गुटखा परिवहन की कार्रवाई पूरी करवाएं। हालांकि अनुमतियों में पान मसाला विक्रय करने पर पाबंदी लगाई, लेकिन परिवहन की अनुमतियों की आड़ में गुटखा किंग वाधवानी और गुटखा थोक विक्रेताओं ने इन अनुमतियों का भरपूर लाभ उठाया।

कांग्रेस का सवाल: कौन है वाधवानी का गॉड फादर
इंदौर कलेक्टर ने गुटखे से कोरोना फैलाने वाले 400 करोड़ टैक्स चोरी करने वाले गुटखा किंग किशोर वाधवानी के ट्रकों के लिए लॉकडाउन में प्रतिबंध के बावजूद रास्ता साफ करके दिया। ताकि देश भर में गुटखा लोगों तक पहुंच सके और वे पीक थूक-थूक कर कोरोना फैला सके। भाजपा सरकार में इसके कौन-कौन गॉड फादर थे। क्या इसका खुलासा हो पायेगा? जनता के हितैषी होने का पाखंड रचने वाले हमारे मुख्यमंत्री बेवजह भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोड़े को तो बेहतर काम करने के बावजूद बदल देते हैं। लेकिन इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह का बाल भी बांका नहीं होता।
अजय शाह मकड़ाई, एआईसीसी मेंबर एवं चेयरमैन, म.प्र.आदिवासी, कांग्रेस,भोपाल

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