जेहि बिधि नाथ होइ हित मोरा करहु सो बेगि दास मैं तोरा

Jehi Bidhi Nath Hoi Hit Mora Karahu So Begi Das I Tora

भोपाल/राकेश व्यास/बिच्छू डॉट कॉम।
मध्यप्रदेश में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ पर गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रामायण में लिखी वह चौपाई पूरी तरह से फिट बैठती है, जिसमें कहा गया है कि जेहि बिधि होइ नाथ हित मोरा, करो सो बेगि दास मैं तोरा।। यह बात उनके पार्टी हाईकमान सोनिया गांधी से मिलने के बाद सामने आ रही है। फिलहाल उपचुनाव परिणामों के बाद से वे दिल्ली में ही डेरा डाले हुए हैं। माना जा रहा है कि वे भोपाल लौटने के तत्काल बाद कोई बड़ा निर्णय कर सकते हैं।
कहा जा रहा है कि वे फिलहाल दिल्ली में ही रहकर पार्टी को उपचुनाव में मिली पराजय पर मंथन कर रहे हैं। इस दौरान वे पार्टी हाईकमान से मिलकर अपना पक्ष रख चुके हैं। बताया जा रहा है कि नाथ संगठन के कामकाज से खुश नही हैं। उनका मानना है कि हार की बड़ी वजह बूथ स्तर तक संगठन का कमजोर और निष्प्रभावी होना भी रहा है। यही वजह है कि भोपाल लौटने के बाद वे संगठन में निचले स्तर तक बड़ा फेरबदल कर सकते हैं। खास बात यह है कि प्रदेश में कांग्रेस बीते ढाई साल से वक्त है बदलाव का नारा लगा रही थी, लेकिन वह प्रदेश में कोई बड़ा फेरबदल तो नहीं कर सकी, हां इतना जरुर है कि खुद में ही बड़ा बदलाव होने की जरुर साक्षी न केवल बन गई, बल्कि आगे भी ऐसा ही होने के आसार बने हुए हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि प्रदेश की सत्ता से बाहर होने के बाद उपचुनावी हार के बाद अब संगठन की सभी इकाइयों को भंग कर नए सिरे से उनके पुनर्गठन की तैयारी की जा रही है। कहा तो यह भी जा रहा है कि इसको लेकर प्रदेश में पार्टी के सभी बड़े नेताओं से उनकी बात हो चुकी है। जिसमें संगठन में बड़े बदलाव की सहमति बन चुकी है। यही नहीं इसके लिए उन्हें पार्टी हाईकमान से भी अनुमति मिलने की खबर है। माना जा रहा है कि इस बदलाव की पहली गाज उन जिलाध्यक्षों पर गिरेगी, जो लंबे समय से निष्क्रिय बने हुए हैं। इनके साथ ही इसी तरह के पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारी से मुक्त करने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि उपचुनावी हार के बाद कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए अपना एक माइक्रो फॉर्मूला तैयार किया है। इस फॉर्मूले के तहत अब कांग्रेस की इकाई में संख्या सीमित कर उसमें काम और योग्यता के आधार पर ही कार्यकर्ताओं को जगह दी जाएगी।


इस तरह का दिखेगा बदलाव

  • नए सिरे से नई संरचना के साथ संगठन का पुनर्गठन
  • संगठन ने किया माइक्रो फॉर्मूला तैयार
  • कांग्रेस इकाइयों का आकार रखा जाएगा छोटा
  • कम और सीमित नेताओं को मिलेगी टीम में जगह
  • योग्यता और परफार्मेंस होगा चयन का आधर
  • नेताओं को काम की हर दो माह में देनी होगी रिपोर्ट
  • रिपोर्ट कार्ड से तय होगा उनका कार्यकाल
  • समय समय पर समीक्षा के साथ योग्य व्यक्ति को मिलेगा मौका

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