सिंधिया का विरोध कर रहे कांग्रेसी हिरासत में, मौके पर भारी पुलिस बल

कांग्रेसियों ने लगाए गद्दार सिंधिया वापस जाओ-वापस जाओ के नारे

कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राकेश मावई सहित करीब 500 कांग्रेसियों को हिरासत में ले लिया
मुरैना, (बिच्छू डॉट कॉम)।
मप्र उपचुनाव को लेकर चल रहे भाजपा के दिग्गज नेताओं के ग्वालियर-चंबल अंचल में दौरे के दौरान बार-बार राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को फिर कांग्रेसियों द्वारा काले झंडे दिखाकर सिंधिया का जमकर विरोध किया गया । इससे पूर्व शुक्रवार को पोहरी विधानसभा क्षेत्र में भी सिंधिया का भारी विरोध देखने को मिला था।यहां सिंधिया की सभा में युवाओं ने जमकर हंगामा किया था, जिसके चलते सिंधिया को बीच में ही अपना भाषण रोकना पड़ा था। हैरानी की बात तो ये है कि सालों में पहला मौका है जब महाराज के गढ़ में उनका विरोध देखने को मिल रहा है। बार बार हो रहे इस विरोध ने हाईकमान को भी चिंता में डाल दिया है। दरअसल, शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जौरा, सुमावली और मुरैना मे दौरा है। मुरैना के स्थानीय कार्यक्रम में 73 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन और करीब 194 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण करेंगे। उनके साथ राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी साथ होंगे। लेकिन इसके पहले कांग्रेसियों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया का विरोध करना शुरू कर दिया और सड़कों पर कालझंडे दिखाकर रैली निकाली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राकेश मावई सहित करीब 500 कांग्रेसियों को हिरासत में ले लिया और सिटी कोतवाली भेज दिया। इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने गद्दार सिंधिया वापस जाओ-वापस जाओ के नारे लगाए पुलिस ने हिरासत में लेकर भेजा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है,ताकी कोई सुरक्षा में चूक ना हो।
अंबाह में भी विरोध-प्रदर्शन, भिंड में भी फुट रहे विरोध के स्वर-इसके पहले भी अंबाह में विरोध प्रदर्शन हुआ था, जिसके बाद अंबाह थाना पुलिस ने सैकड़ों कांग्रेसियों को हिरासत में ले लिया था, तभी भी ये लोग मुख्यमंत्री शिवराज और राज्यसभा सांसद सिंधिया का विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने इनको पहले ही हिरासत में ले लिया था । वही शुक्रवार को पोहरी विधानसभा क्षेत्र में भी सिंधिया की सभा में युवाओं ने जमकर हंगामा किया था, जिसके चलते सिंधिया को बीच में ही अपना भाषण रोकना पड़ा था। वही भिंड में भी विरोध के स्वर तेजी से फूट रहे है। कई सभाओं में तो लोग सीधे तौर पर बीजेपी के प्रत्याशी को नकार रहे है। वहीं दूसरी और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि मुझे पद या कुर्सी से कभी कोई मोह नहीं है। मेरी जनता की आशा और अभिलाषा को यदि कोई कुचलने की कोशिश करे तो मेरे खून का एक – एक कतरा समर्पित करने के लिए सदा तत्पर रहूंगा।

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