सितंबर से नार्मल हो जाएगा कोरोना

भोपाल (अपूर्व चतुर्वेदी/बिच्छू डॉट कॉम)। कोरोना का भय लोगों में इस कदर बैठ गया है, कि लोग इससे परेशान हो चुके हैं और जल्द इस बीमारी से निजात पाना चाहते हैं। जहां कोरोना की दवाई पर कई जगह रिसर्च चल रही हैं वहीं इस महामारी से बचाव के अन्य रास्ते भी खोजे जा रहे रहे हैं। लेकिन ज्योतिषाचार्य की गणना बता रही है कि सितंबर तक ये बीमारी ऐसे ही चलेगी। सितंबर अंत से इससे छुटकारा मिलना शुरू हो पाएगा। कोरोना के कहर से श्रवण माह और दीपावली तक फीके रहने की संभावना है। ज्योतिष के अनुसार अक्टूबर 2019 में शनि, गुरु और केतु के धनु राशि में आने से चीन में यह बीमारी शुरू हुई थी।

अब सितंबर 2020 में केतु के धनु से वृश्चिक राशि में जाने पर ही इस बीमारी से मुक्ति मिलेगी। ऐसे में आने वाले तीज-त्योहारों को घर बैठे ही मनाना पड़ेगा। क्योंकि कोरोना के संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने सार्वजनिक आयोजनों पर रोक लगा रखी है। ऐसे में सावन सोमवार के साथ ही जन्माष्टमी, गणेशोत्सव के कार्यक्रम नहीं हो सकेंगे। दुर्गोत्सव के सार्वजनिक आयोजनों पर भी कोरोना की छाया से संशय बना हुआ है।

बुध का धनु राशि में होना
14 मई से जून 2020 गुरु का मकर राशि में जाना कोरोना के उतार-चढ़ाव का दौर तथा 20 जुलाई से 5 अगस्त गुरु का मकर छोड़ धनु राशि में महामारी के नए-नए रूपों का जन्म होगा। इसी तरह 5 अगस्त से 3 सितंबर शनि का अपनी राशि छोड़ गुरु में होने से महामारी का भयंकर रूप देखने को मिलेगा।

महामारी में ग्रहों की दशा
29 अक्टूबर 2019 शनि, गुरु और केतु धनु राशि में होने से महामारी का जन्म हुआ। 29 दिसंबर 2019 शनि, गुरु, केतु के साथ सूर्य होने से मामले तेजी से बड़े।

संक्रमण काल में इन त्योहारों में आई बाधा
चैत्र नवरात्रि, झूलेलाल जन्मोत्सव, राम नवमी, महावीर जन्मोत्सव, हनुमान जयंती, गुड फ्राइडे, परशुराम जयंती, रमजान, ईद उल फितर, जगन्नाथ रथयात्रा।

केतु के धनु में जाने से महामारी होगी नष्ट
ज्योतिष गणना में 3 से 29 सितंबर केतु का धनु राशि से वृश्चिक में होने से महामारी का नाश होगा। तब तक इसकी कोई दवा भी बनेगी।

इन त्योहारों पर कोरोना की छाया
सावन सोमवार, हरियाली अमावस्या, नाग पंचमी, बकरीद, रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, पर्युषण पर्व, श्रीगणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा जयंती और पितृ मोक्ष अमावस्या ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ दुबे के अनुसार केतु के वृश्चिक राशि में जाने के बाद ही कोरोना का असर कम होगा। गणना में पता चलता है कि तब तक कोई दवा भी तैयार हो जाएगी। लेकिन लोगों को सावधानी से आगे बढ़ना होगा।

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