कोरोना ने रोकी पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के पदोन्नति

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भोपाल/प्रणव बजाज/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ने से कार्यालयों में अफसरों और कर्मचारियों की उपस्थिति भी कम हो गई है। कई विभागों के अफसरों को कोरोना नियंत्रण की व्यवस्था में लगा दिया गया है। फैलते कोरोना संक्रमण की वजह से कई कार्यालयीन प्रमुख फैसले तक अटक गए हैं। अब इन पर आगे कब कार्यवाही होगी पता नहीं। ऐसा ही एक मामला अफसरों की पदोन्नति का भी है। कोरोना से अटके फैसलों में राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों के आईएएस बनने का और राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस बनने के लिए डीपीसी अटकने का है। हालांकि एसपीएस अफसरों की डीपीसी के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने यूपीएससी को समय मांगने का प्रस्ताव डेढ़ महीने पहले ही भेज दिया था लेकिन कोरोना संक्रमण के प्रकोप के चलते डीपीसी के लिए अभी तक यूपीएससी से कोई समय नहीं दिया गया है। बहरहाल अगले तीन से चार माह तक और यह डीपीसी आगे खिंच सकती है। डीपीसी होने के बाद ही इन अफसरों को प्रमोशन दिया जाएगा। वहीं राज्य पुलिस सेवा के 11 अफसरों को आईपीएस अवॉर्ड दिए जाने के लिए फिर से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। पहले जो प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय से गृह विभाग को भेजा गया था वह कुछ आपत्तियों के साथ वापिस आ गया था। सूत्रों की मानें तो अब 33 अफसरों की जानकारी के साथ पुन: प्रस्ताव तैयार कर भेजा जाएगा। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भेजे प्रस्ताव में रिकॉर्ड को चेक करने के बाद दो अफसरों के रिकॉर्ड के संबंध में कुछ आपत्ति जताते हुए प्रस्ताव को वापस कर दिया गया था। इसके बाद अब आपत्ति दूर करने के लिए पुलिस मुख्यालय में प्रयास किए जा रहे हैं। आप अच्छे से दूर करने के बाद नए सिरे से प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा जाएगा। वहां से यूपीएससी को भेजा जाएगा यदि फिर से कोई आपत्ति नहीं लगी तो 11 अफसरों को आईपीएस अवॉर्ड के लिए डीपीसी होगी। प्रस्ताव फाइनल होने के बाद डीपीसी की तारीख दी जाएगी। जानकारी के अनुसार एक पद पर तीन अफसरों की जानकारी भेजी जाती है। इस जानकारी में वर्ष 1997 बैच के भी कुछ अफसरों का रिकॉर्ड यूपीएससी तक जाएगा।
54 नामों पर किया जाना है विचार
दरअसल राज्य प्रशासनिक सेवा के अट्ठारह अफसरों का प्रमोशन किया जाना है। इसके लिए 54 अफसरों के नाम पर विचार किया जाएगा। इनमें पुराने अफसरों में वर्ष 94-95 बैच के विवेक सिंह और पंकज शर्मा के नाम पर भी विचार होगा। इसके अलावा सुधीर कोचर, वरदमूर्ति मिश्रा, विनय निगम, चंद्रशेखर शुक्ला, नारायण प्रसाद नामदेव, त्रिभुवन नारायण सिंह, रानी वाटड, जयेंद्र कुमार विजयवत, बुद्धेश वैद्य, दिलीप कुमार कापसे, डॉ अभय कुमार बेडेकर, अजय देव, जमना भिड़े, अंजू पवन भदौरिया, नीतू माथुर, मनोज मालवीय और नियाज अहमद खान सहित कुल 54 अफसरों के नाम पर विचार किया जाएगा।
95 बैच के अफसरों को चार साल लग गए प्रमोशन में
चूंकि 1995 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अफसरों का बैच बड़ा है यही वजह है कि इसके प्रमोशन में चार साल का समय लग गया है। हालांकि इस बार यह बैच पूरा हो जाएगा। इस बैच के अफसरों को आईपीएस अवॉर्ड होने के बाद अब वर्ष 96 बैच का नम्बर लग जाएगा। यानी इस बार वर्ष 1996 बैच के कुछ अफसर भी आईपीएस बनाने होंगे। वर्ष 1996 बैच के 12 अफसर है। इनमें से कुछ इस वर्ष पदोन्नत होकर आईपीएस बन जाएंगे जबकि बाकी के लिए अगले साल तक इंतजार करना होगा।

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