कोरोना वैक्सीन के सहारे 28 विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज करना चाहती है भाजपा

भोपाल, बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर हो रहे विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी ने अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं ने विधानसभा स्तर पर अलग-अलग यह संकल्प पत्र जारी किए हैं। बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में मुफ्त कोरोना वैक्सीन का वायदा किया है। प्रदेश के लिए हमारे संकल्प शीर्षक के तहत किए गए इस वायदे में लिखा गया है कि प्रदेश सरकार कोरोना की विषम परिस्थितियों का मुकाबला कर रही है और वह यह वादा करती है कि प्रदेश की जनता को मुफ्त में कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा संकल्प पत्र में स्थानीय मुद्दों को लेकर अलग से एक कॉलम बनाया गया है जिसमें स्थानीय विकास के मुद्दों को लिखा गया है। संकल्प पत्र में किसानों के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों और योजनाओं का जिक्र भी किया गया है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल: संकल्प पत्र में मुफ्त कोरोना वैक्सीन का वायदा किए जाने पर कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा है कांग्रेस का आरोप है कि अभी वैक्सीन आई भी नहीं है और बीजेपी उसे बांटने की बात कर रही है। कांग्रेस के आरोपों के मुताबिक बीजेपी कोरोना जैसी बीमारी का भी राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है आपको बता दें कि बीजेपी के संकल्प पत्र से पहले कांग्रेस उपचुनाव के लिए अपना वचन पत्र जारी कर चुकी है।
भाजपा ने उपचुनाव के लिए जारी संकल्प पत्र में प्रदेश के नागरिकों को मुफ्त कोरोना वैक्सीन देने का वादा किया है।

संकल्प पत्र के 10 संकल्प
विधानसभा उपचुनाव में किसानों की समस्या पर बीजेपी ने सर्वाधिक फोकस किया है। संकल्प पत्र में किसानों के लिए कई घोषणाएं की गई हैं।
भाजपा के संकल्प पत्र में कहा गया है कि फसल बीमा योजना के साल 2018 और 2019 के 31 लाख किसानों के 6675 करोड़ रुपए जिसका भुगतान कमलनाथ सरकार ने रोक रखा था, उसे शिवराज सिंह ने मुख्यमंत्री बनते ही जारी करने के आदेश किए।
भाजपा के संकल्प पत्र में कहा गया है कि प्रदेश सरकार ने मध्य प्रदेश में किसानों को 0 फीसदी ब्याज पर ऋण की योजना फिर से शुरू की है।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत लगभग 4517000 रु हितग्राहियों के खातों में 1988 करोड़ रुपए की पेंशन राशि जमा कराई गई।
प्रदेश के गरीब परिवारों में जन्म से लेकर मृत्यु तक उन्हें आर्थिक सहायता देने वाली पिछली भाजपा सरकार की संबल योजना जो कमलनाथ सरकार ने बंद कर दी थी वह शिवराज सरकार ने आते ही शुरू की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू की गई नई किसान सम्मान निधि में प्रदेश की ओर से 4000 रुपए जोडक़र इसे 10000 रुपए करने के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के फैसले से प्रदेश के 7700000 रु किसानों को सीधा फायदा पहुंचा।
मध्य प्रदेश के राशन कार्ड वाले 3700000 रुगरीब परिवारों को खाद्यान्न पर्ची देकर नियमित राशन दिया जाना शुरू किया गया है।
चंबल के बीहड़ में 6000 करोड़ रुपए की लागत से 310 किलोमीटर लंबे चम्बल प्रोग्रेस-वे का निर्माण किए जाने का भी जिक्र संकल्प पत्र में किया गया है।
संकल्प पत्र में स्थानीय मुद्दों के विकास के लिए अलग से कॉलम बनाया गया है, जिसमें राज्य के विकास की रूपरेखा बताई गई है।

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