भाजपा-कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंकी सभी कार्यकर्ता मैदान में

BJP-Congress shed all its power in the field

भोपाल/राकेश व्यास/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश में चल रहे उपचुनाव के प्रचार में दोनों ही दलों भाजपा और कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। अब जबकि मतदान के लिए चंद दिन ही रह गए हैं ऐसे में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मैदान में तैनात कर दिए गए हैं, वहीं प्रादेशिक कार्यालयों में सन्नाटे जैसी स्थिति बनी हुई है। यहां सिर्फ प्रदेश प्रवक्ता और आईटी सेल की टीमें ही मुस्तैद हैं। बता दें कि प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर चुनावों में इन दोनों ही दलों के सभी प्रमुख नेताओं और पदाधिकारियों को संगठन ने चुनावी मैदान में उतार दिया है। यह नेता उपचुनाव वाले इलाकों में डेरा डालकर पार्टी की रणनीति के हिसाब से बिसात को मजबूत तरीके से बिछाने में लगे हुए हैं। हालात यह है कि इन दोनों ही दलों के दफ्तरों में अब केवल पार्टी की ओर से दी जाने वाली अधिकृत जानकारी के लिए वरिष्ठ चुनिंदा नेताओं और प्रवक्ताओं की मौजूदगी बनी हुई है।
भाजपा: दीनदयाल परिसर : भाजपा प्रदेश कार्यालय में इन दिनों कुछ ही नेता नजर आ रहे हैं । यह वे नेता हैं जिन्हें चुनाव की सभी 28 सीटों के फीडबैक और समन्वय संबंधी आवश्यक निर्देशों की जिम्मेदारी दफ्तर में बैठकर लेना होती है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश महामंत्री भगवान दास सबनानी अपनी टीम के साथ कार्यालय पहुंचते हैं और चुनाव तैयारियों पर मंथन करते हैं। इसके बाद वे रोज शाम को प्रवक्ताओं के साथ बैठक करते हैं, इस बैठक में चुनाव आयोग में की जाने वाली शिकायतों के संबंध में चर्चा होती है।

प्रवक्ता रहते हैं मौजूद

कार्यालय में प्रतिदिन प्रेस ब्रीफिंग के लिए प्रवक्ताओं का समय भी तय है। प्रदेश प्रवक्ता राजनीश अग्रवाल और पंकज चतुर्वेदी कार्यालय में मौजूद थे। प्रवक्ता राकेश शर्मा और मीडिया पैनलिस्ट नेहा बग्गा भी अलग-अलग समय पर कार्यालय आते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया की टीम भी अपने काम में लगी हुई।

कांग्रेस: आरोप पत्र के लिए जुटी भीड़
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में भी अब गिने चुने चेहरे ही नजर आ रहे, बाकी नेता मैदान स्तर पर तैयारियों को अंतिम रुप देने के लिए रवाना हो चुके हैं। यह बात अलग है कि बीते रोज कैबिन में संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर और उपाध्यक्ष प्रकाश जैन चुनाव प्रचार कार्यक्रमों को अंतिम रुप देने में लगे हुए थे। इस बीच शाम पांच बजे भाजपा सरकार के खिलाफ आरोप पत्र जारी करने के लिए पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, अरुण यादव और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के आते ही कार्यालय में हलचल शुरू हो जाती है।

प्रवक्ता रहते हैं पूरे समय
मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता और प्रदेश अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा जरुर कार्यालय में पूरे समय मौजूद रहते हैं। कांग्रेस के वॉररूम में भी आईटी सेल की 50 लोगों की टीम काम कर रही है। ये टीम सभी 28 विधानसभा क्षेत्रों में तैनात अपनी टीमों से संपर्क में रहती है। नेताओं की सभाओं को फेसबुक और यू-ट्यूब पर लाइव करने की जिम्मेदारी इन पर है।

चल रहा विजय जनसंपर्क अभियान
भाजपा ने पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए सभी 28 विधानसभा सीटों पर विजय जनसंपर्क अभियान शुरू किया है। यह अभियान चुनाव प्रचार खत्म होने की आखिरी तारीख यानी एक नवंबर तक चलेगा। इस अभियान में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर केंद्रीय मंत्री समेत कई और बड़े नेता शामिल हो रहे हैं। भाजपा की कोशिश इस अभियान के जरिए प्रचार के आखिरी दिनों में अपनी पूरी ताकत झोंकने की है। भाजपा उपचुनाव में बूथ जीता तो चुनाव जीता के मंत्र के साथ चुनावी मैदान में उतरी है। इसी के तहत विजय जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। भाजपा इससे पहले मंडल सम्मेलन और बूथ सम्मेलन के जरिए भी अपनी चुनावी रणनीति को धार दे चुकी है।

एससी वोटर पर पूरी नजर
मध्य प्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों पर उपचुनाव में जीत दर्ज करने के लिए हर संभव कोशिश राजनीतिक दलों द्वारा की जा रही है। इसके लिए भाजपा और कांग्रेस एससी वोटर्स को साधने के लिए अब 31 अक्टूबर को बड़ा अभियान चलाने जा रहे हैं। इसके लिए दोनों ही दलों के मोर्चा द्वारा 31 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती के लिए प्लान तैयार कर लिया गया है। भाजपा एससी मोर्चा 28 सीटों पर वाल्मीकि जयंती के कार्यक्रम आयोजित कर केंद्र और राज्य सरकार की अनुसूचित जाति को लेकर लिए गए फैसलों की जानकारी वोटर्स को दी जाएगी। इसी तरह से भाजपा के एससी मोर्चा द्वारा तैयार की गई एक किताब भी उपचुनाव वाली सीटों पर बांटने की तैयारी है। इसी तरह से इस वर्ग के वोटर्स को साधने के लिए कांग्रेस भी पूरा प्रयास कर रही है।
एमपी कांग्रेस एससी मोर्चा के अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी का कहना है कि 31 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेसी वाल्मीकि जयंती मनाएंगे। अनुसूचित जाति वर्ग की आरक्षित उपचुनाव वाली 9 सीटों पर इस दिन बड़े आयोजन होंगे। इस दौरान भाजपा की एससी विरोधी मानसिकता को भी उजागर किया जाएगा।

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