अमेरिका में आज से बाइडेन युग

वॉशिंगटन। अमेरिका को आज 46वां राष्ट्रपति मिल जाएगा। डेमोक्रेट जोसेफ आर बाइडेन जूनियर यानी जो बाइडेन अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। कार्यक्रम कैपिटल हिल यानी अमेरिकी संसद में बुधवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 12 बजे (भारतीय समयानुसार रात 10.30 बजे) होगा। बाइडेन सिर्फ 35 शब्दों में पद की शपथ लेंगे। चीफ जस्टिस जॉन जी रॉबर्ट जूनियर कैपिटल हिल्स के वेस्ट फ्रंट पर बाइडेन को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाएंगे। इसके बाद राष्ट्रपति बाइडेन इनॉगरल स्पीच देंगे। इसमें अमेरिकी मतदाताओं का शुक्रिया अदा करेंगे। स्पीच के बाद सैन्य टुकड़ी की समीक्षा करेंगे। इवेंट में जेनिफर लोपेज की भी म्यूजिकल परफॉर्मेंस होगी। इसके बाद बाइडेन और वाइस प्रेसिडेंट कमला हैरिस प्रेसिडेंट एस्कॉर्ट में कैपिटल हिल से व्हाइट हाउस जाएंगे। बाइडन के शपथ ग्रहण में डोनाल्ड ट्रंप नहीं जा रहे हैं। 
आमतौर पर करीब 3 लाख लोग सड़क के दोनों ओर खड़े होकर इसे देखते हैं। इस बार ऐसा नहीं होगा। समारोह इस बार हमेशा की तरह भव्य नहीं होगा। कोरोना वायरस की वजह से भीड़ नहीं जुटेगी। इस बार एक हजार से 1200 लोग ही शपथ ग्रहण में हिस्सा ले पाएंगे। सभी मेहमानों के लिए सख्त हेल्थ प्रोटोकॉल रहेगा।
हिंसा के बाद कड़ी सुरक्षा
7 जनवरी को इलेक्टोरल वोट की काउंटिंग के दौरान कैपिटल हिल्स के अंदर और बाहर हिंसा के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां ज्यादा ऐहतियात बरत रही हैं।
ये मेहमान होंगे शामिल
डोनाल्ड ट्रम्प तो सेरेमनी में शामिल नहीं हो रहे हैं। उनकी जगह उपराष्ट्रपति माइक पेंस शिरकत करेंगे। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बराक ओबामा भी आ रहे हैं। वॉशिंगटन के एक थिंकटैंक ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूट के फैलो एलेन कामार्क का कहना है कि पेंस का आना सबसे अहमियत रखता है। पेंस लोगों को ये समझाना चाहते हैं कि सिर्फ रिपब्लिकन पार्टी ट्रम्प के दायरे में सिमटी नहीं है।
बेटे को याद कर भावुक हुए बाइडन
अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने पदग्रहण समारोह की पूर्व संध्या पर वाशिंगटन के लिए प्रस्थान करने से पहले गृह राज्य डेलावेयर को अलविदा कह दिया। इस दौरान वह भावुक भी नजर आए। उन्होंने अपने आप को डेलावेयर का बेटा बताया, उन्होंने यहां के निवासियों को सार्वजनिक सेवा में अपने दशकों लंबे करियर में सेवा करने के लिए धन्यवाद दिया। जो बाइडन ने कहा कि मैं आज पूरे बाइडेन परिवार की ओर से अपने साथी डेलावेयर निवासियों को हर चीज के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। साथ ही यह व्यक्त करना चाहता बहूं कि ये हम सबके लिए काफी मायने रखता है। इस दौरान वह अपने बेटे को याद करते हुए काफी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि ब्यू बिडेन, जो 2015 में चल बसा था, वो अब यहां नहीं हो सकता। मुझे केवल एकमात्र अफसोस है है कि वो यहां नहीं है। क्योंकि हमें उसे राष्ट्रपति के रूप में पेश करना चाहिए था।
इतिहास रचेगा हैरिस परिवार
आज जब कमला हैरिस अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेंगी तो उनके नाम के आगे कई प्रथम जुड़ जाएंगे। सबसे पहले तो यह अमेरिका में इस पद पर पहुंचने वाली प्रथम महिला होंगी। साथ ही प्रथम अश्वेत महिला भी। इसके अलावा भारतीय मूल से संबंध रखने वाली ऐसी प्रथम महिला भी कहलाएंगी जो अमेरिका में दूसरे ताकतवर ओहदे पर काबिज हुई। लेकिन इस अवसर पर उनकी उपलब्धि के साथ-साथ दुनिया भर की निगाहें उनके धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता भरे परिवार पर भी होगी, जो अमेरिका की राजनीति में इतिहास रचने जा रहा है। डेमोक्रेट नेशनल कन्वेंशन में उनके चर्चित भाषण से लेकर उपराष्ट्रपति तक का सफर दिलचस्प रहा है। 56 वर्षीय कमला भारतीय मां और जमैकाई पिता की बेटी हैं। उनकी मां श्यामा गोपालन हैरिस 19 साल की उम्र में कैंसर शोधकर्ता बनने के लिए कैलिफोर्निया आई थीं। पिता डोनाल्ड हैरिस स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर थे। 1961 में दोनों की मुलाकात हुई और 1963 में शादी की। 1964 में जन्मी कमला ऑकलैंड में पली-बढ़ीं।

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