संघ के अनुसार चल रहा है शिव-विष्णु का रसायन शास्त्र

According to the association, chemistry of Shiva and Vishnu is going on

भोपाल/राजीव चतुर्वेदी/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में चौथी बार सत्ता पर काबिज हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और संघ पृष्ठभूमि के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा को वैसे तो सत्ता और संगठन में विस्तार और परिवर्तन करने का फ्री हैंड मिला हुआ है, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार और प्रदेश कार्यकारिणी के गठन में जो कौशल और रासायनिक प्रक्रिया इन दोनों ही मंजे हुए नेताओं द्वारा अपनाई गई है उससे सूबे से कोई प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि सबने अपने-अपने शस्त्र टेक दिए हैं। दरअसल संघ के अनुसार ही प्रदेश में चल रहा है सत्ता और संगठन का काम। इससे यह स्पष्ट है कि अगले तीन साल तक न तो सरकार को कहीं से कहीं तक अस्थिरता का खतरा है और न ही संगठन को किसी भी क्षेत्र में असंतोष का भय। दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान यह स्वीकार भी कर चुके हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार में जिन लोगों को हम चाहकर भी शामिल नहीं कर सके उन्हें वीडी शर्मा ने प्रदेश संगठन की टीम में शामिल करके हमारी कमी को पूरा कर दिया है। यानी प्रदेश का कोई क्षेत्र और कोई वर्ग ऐसा नहीं रहा जिसे दायित्व नहीं मिला हो। दरअसल प्रदेश के मंत्रिमंडल विस्तार में मुख्यमंत्री की कोशिश रही कि जातिगत, क्षेत्रीय, सामाजिक संतुलन के साथ ही महिलाओं को उचित स्थान मिले और उन्होंने इसे पूरा भी किया।
इसी तरह प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने जब अपने पांच महामंत्रियों की घोषणा की तो इसमें उन्होंने विंध्य से शरतेन्दु तिवारी, निमाड़ से कविता पाटीदार, बुंदेलखंड से हरिशंकर खटीक, ग्वालियर अंचल से रणवीर सिंह रावत और भोपाल संभाग से भगवान दास सबनानी को शामिल कर अपने रसायन शास्त्र से कईयों के गणित फेल कर दिए हैं। यानी लोगों को अब लगने लगा है कि जो टीम आगे आ रही है वह प्रदेश में सामूहिकता और सकारात्मकता के साथ काम करेगी। बता दें कि वीडी का टीम में अलग-अलग क्षेत्रों से 12 उपाध्यक्ष, 12 प्रदेश मंत्री, कोषाध्यक्ष, सहकोषाध्यक्ष, मीडिया प्रभारी, कार्यालय मंत्री के साथ ही 7 मोर्चों के अध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है।

मुख्यमंत्री बोले जोश और उत्साह से भरी है टीम
हाल ही में प्रदेश भाजपा कार्यालय में नवनियुक्त पदाधिकारियों के पदभार ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने वक्तव्य में कहा कि कई विधायकों को हम चाहकर भी मंत्री ना बना पाए लेकिन विष्णुदत्त ने उन्हें अपनी टीम में मंत्री और महामंत्री बनाकर इसे पूरा कर दिया। सीएम ने नेताओं को संबोधित करते हुए कहा के यह जोश और उत्साह से भरी टीम है और पीढ़ी परिवर्तन का उदाहरण है। आप सभी पदाधिकारियों को सरकार के काम जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि हम फिर से किसानों के खाते में पैसा डाल रहे हैं जब हम यह करें तो किसान मोर्चा के कार्यकतार्ओं को किसानों के बीच मौजूद रहना चाहिए। इसी तरह हम अन्य जाति वर्ग की बहनों के खाते में पैसा डाल रहे हैं तो महिला मोर्चा की कार्यकर्ता वहां मौजूद होना चाहिए।

पंचायत स्तर तक होंगीं दीनदयाल समितियां
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार के कामों से आम कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए दीनदयाल अंत्योदय समितियों के जल्द गठन की बात भी कही। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही पंचायत स्तर तक दीनदयाल समितियां बनाने जा रहे हैं ताकि हर कार्यकर्ता को यह महसूस हो सके कि सरकार के कामों में उसकी भी भागीदारी है। उन्होंने कहा कि हमें यह नहीं सोचना है कि उनकी गई, हमारी आ गई, हमें क्या मिलेगा, उन्होंने कहा कि हमें काम मिलेगा। अंत्योदय समितियों में पार्टी के कार्यकतार्ओं को सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्तियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

संबल के हितग्राहियों के खाते में डाली राशि
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संबल योजना के अंतर्गत मिंटों हाल में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि हितग्राहियों के खाते में राशि जमा की जा रही है। उन्होंने कहा शराब माफियाओं को पूरी तरह कुचलना है। यह अभियान जारी रहेगा। माफियाओं को पूरी तरह समाप्त करके ही चैन की सांस लेंगे। स्थानांतरण नीति पर कहा कि मानवीय, प्रशासनिक आधार पर एक पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का प्रयास होगा। इसके बाद वर्षभर स्थानांतरण नहीं होगा। सीएम ने कहा कि प्रत्येक विभाग समीक्षा कर आवश्यक तैयारी कर लें। बजट के संदर्भ में भी प्रत्येक विभाग योजनाओं की समीक्षा कर लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गेहूं की खरीदी का अद्भुत कार्य हुआ था, उसी तरह धान की खरीदी भी ऐतिहासिक रही। मध्य प्रदेश का किसान संतुष्ट है।

दोनों की जोड़ी के सामंजस्य से प्रदेश पकड़ेगा रफ्तार
प्रदेश में चार बार के मुख्यमंत्री के तौर पर शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश संगठन के मुखिया विष्णुदत्त शर्मा की जोड़ी सामंजस्य के मामले में अब तक हिट रही है। दोनों के निर्णयों में कौशल भरपूर दिखा। सत्ता में भागीदारी का जो संतुलन शिवराज ने बनाया है वैसा ही कुशल, सक्षम और समग्र संतुलन की झलक संगठन में वीडी की टीम में दिखता है। दरअसल दोनों ही नेताओं में प्रदेश के विकास को लेकर चिंता है। ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है कि शिव-वीडी की जोड़ी के सामंजस्य से प्रदेश आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनने की दिशा में रफ्तार पकड़ेगा।

वीडी का जोर रहेगा बूथ मजबूती पर
वीडी की टीम आगामी 2023 और 2024 के चुनाव को ध्यान में रखकर बनाई गई है। शर्मा का कहना है कि हम पद नहीं दायित्व की भूमिका में रहते हैं। सामूहिकता के आधार पर प्रत्येक बूथ को मजबूत करना हमारी जिम्मेदारी है। संगठन को मजबूती के साथ और आगे बढ़ाने का टीम काम करेगी। उन्होंने कहा कि एक टीम में वीडी नहीं बल्कि टीम भाजपा है। यह टीम सामूहिकता के साथ आगे बढ़ेगी। प्रदेशाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को कहा कि आने वाले नगरीय निकाय चुनाव में हम पूरी ताकत से जुट जाएं और 2023 और 2024 के चुनावों के लिए संकल्प लें कि टीम भावना के साथ भाजपा के काम में जुट जाएंगे।

सरकार के साथ सामंजस्य है
प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने बताया कि हम जल्द ही दो दिनी बैठक का आयोजन करने जा रहे हैं। और इसमें नवनियुक्त पदाधिकारियों के बीच कार्य विभाजन किया जाएगा। शिवराज के मंत्री न बनाए जाने वाले बयान पर उनका कहना था कि यही तो सरकार और संगठन के बीच सामंजस्य है।

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