बिहाइंड द कर्टन/प्रदेश भर में महिला थानों की कमान संभालेंगीं महिलाएं

– प्रणव बजाज

Women will take charge of women police stations across the state

प्रदेश भर में महिला थानों की कमान संभालेंगीं महिलाएं
मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले में महिला थानों की स्थापना के साथ ही प्रावधान किया गया है कि इन थानों की कमान भी सिर्फ महिला अफसरों के हाथों में ही रहेगी। इनमें 30 से अधिक शहरी क्षेत्र में थाने, सवा दो सौ अर्ध शहरी और देहात में थानों के साथ ही करीब दो सौ पुलिस चौकियां भी बनाई जाएंगीं। प्रदेश के वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने हाल ही में पेश किए राज्य के बजट में इसकी घोषणा की है। यही नहीं सरकार ने महिला सुरक्षा और पीड़ित महिलाओं को तत्काल मदद मुहैया कराने के लिए डायल 100 नाम से एक एप भी लांच किया है। एप के जरिए महिलाओं की सुरक्षा की जाएगी।

बड़े शहरों और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा राशि में कटौती
एक ओर जहां प्रदेश सरकार ने पुलिस के सालाना बजट में पिछले साल की तुलना में इस साल सात फीसदी का इजाफा किया है। बड़े शहरों और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा पर होने वाले खर्च की राशि में कटौती कर दी गई है। पुलिस को मिलने वाले कुल बजट का 75 फीसदी से ज्यादा हिस्सा तो अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन भत्तों में ही खर्च हो जाएगा। पिछले साल सरकार ने पुलिस को 8110 करोड़ रुपए का बजट दिया था जबकि इस साल बढ़ोतरी कर 8673 करोड़ का प्रावधान किया है। प्रदेश में फिलहाल 1117 थानों में कुल सवा लाख पुलिस बल है। इसमें जिला पुलिस बल, महिला पुलिस थाना, अजाक, साइबर, एसटीएफ, एटीएस और यातायात समेत अन्य पुलिस थाने शामिल है।

किसानों के हित में विभागों के संयुक्त प्रयास
प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों में अब और तेजी आएगी। दरअसल किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश के तीन विभाग मिलकर इसकी कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। इनमें कृषि कल्याण तथा विकास के अलावा सहकारिता और खाद्य तथा नागरिक आपूर्ति विभाग शामिल हैं। कृषि कल्याण मंत्री कमल पटेल के अनुसार तीनों विभागों द्वारा संयुक्त रूप से इस कार्य योजना का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसमें किसानों की भलाई एवं उन्नति के लिए प्रयासों के समुचित परिणाम सामने आएंगे। साथ ही यह प्रयास मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के निर्माण में मील के पत्थर साबित होंगे।

जल संसाधन में हुए अरबों के घोटाले की परतें खोलेगा ईओडब्ल्यू
जल संसाधन विभाग में स्वीकृत सिंचाई परियोजनाओं का भुगतान ड्यू डेट से लगभग 3 साल पहले किए जाने के मामले की जांच अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर ईओडब्ल्यू को सौंपी गई है। इस घोटाले में सात फर्मों को करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये से अधिक का एडवांस भुगतान कर दिया गया था। खास बात यह है कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन फर्मो को एडवांस के लिए शासन ने कोई आदेश नहीं दिया था। बता दें कि जल संसाधन विभाग के तत्कालीन प्रमुख अभियंता द्वारा मई 2019 को निविदा प्रपत्र के पेमेंट शेड्यूल में उल्लेखित शर्तों को विलोपित करने संबंधित आदेश अपने स्तर से जारी किया गया था, जो अधिकारिता विहीन है।

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