सियासी प्रतिद्वंदिता में जीत किसकी होगी

प्रणव बजाज

प्रदेश 28 विधानसभा सीटों पर होने जा रहे उपचुनावों में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को ज्यादा नफा-नुकसान होता नहीं दिखता । शिवाय इसके कि उनके पास सिंधिया के राजनीतिक करियर को खत्म करने का बड़ा अवसर जरूर है। यदि भाजपा और सिंधिया समर्थक चुनाव हारते हैं तो देश प्रदेश और गुना की सियासी प्रतिद्वंदिता में दिग्विजय सिंधिया से काफी आगे निकल जाएंगे। साथ ही यदि कांग्रेस की सरकार बनने का रास्ता यदि खुलता है तो दिग्विजय सिंह के लिए इस बार ज्यादा सुलभ हालात होंगे। लेकिन यदि कांग्रेस चुनाव हारती है तो दिग्विजय के पास खोने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है।

नतीजे तय करेंगे शिव का जादू है या नहीं
पिछले 2018 के चुनावों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के चेहरे के कारण ही भाजपा कांग्रेस से करीबी वोटों तक पहुंच सकी थी। अब यह उपचुनाव भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि शिवराज का चेहरा ही सबसे आगे है। वे चौथी बार के मुख्यमंत्री हैं और उपचुनावों की कमान भी उन्होंने संभाल रखी है। भाजपा ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतना चाहती है। ऐसे में उपचुनाव के नतीजे भाजपा की सरकार को मजबूती प्रदान कर सकते हैं। भाजपा यदि ज्यादा सीटें जीती है तो शिवराज और मजबूत होंगे, उनकी चौथी पारी और सफल मानी जाएगी। यदि सीटें कम रहती हैं या बुरी तरह हार होती है तो यह शिवराज के चेहरे का करिश्मा खत्म होना भी माना जा सकता है।

राशन घोटाले का आरोपी नहीं तलाश सकी पुलिस
करोड़ों से अधिक के राशन घोटाले के मुख्य आरोपी मोहन अग्रवाल और उसके दोनों बेटों सहित अन्य को पुलिस अब तक नहीं तलाश सकी है। हालांकि पुलिस ने अब मोहन अग्रवाल की गिरफ्तारी पर पांच हजार के इनाम को बढ़ाकर 10 हजार जरूर कर दिया है। पुलिस की जो टीमें आरोपियों की तलाश में भेजी गई हैं वे अब तक कामयाब नहीं हो सकीं। इधर मोहन अग्रवाल सहित अन्य आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने का आवेदन न्यायालय में लंबित है। न्यायालय ने जप्त आठ ट्रकों की सुपुर्दगी का आवेदन भी खारिज कर दिया है।

ऑफर भी नहीं बढ़ा सके पर्यटन की आय
कोरोना संकट से उबारने तथा पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रदेश के पर्यटन विभाग ने तमाम तरह के ऑफर निकाले, लेकिन एक भी काम नहीं आया। यानी आय में कोई सुधार की गुंजाइश भी नहीं बन पा रही है। अब निगम को नेशनल पार्कों के दरवाजे खुलने का इंतजार है। जो 15 अक्टूबर के बाद खुलेंगे। हालांकि कुछ पार्क में पर्यटन शुरू हो गया है। बता दें, कि पर्यटन विभाग होटल, रेस्टोरेंट्स, बोट क्लब एवं बार से करीब-करीब 10 से 12 करोड रुपए हर माह माह कमाई करता था। कोरोना महामारी के चक्कर में अब यह आय आधी से कम रह गई है। पर्यटन विभाग के सूत्रों की मानें तो पिछले दो-तीन महीनों में 4 से 5 करोड रुपए की आय बमुश्किल हो सकी है। ऑफर के बाद भी कारोबार नहीं बढ़ पाया है। इसकी मुख्य वजह है हवाई यात्रा, ट्रेन और गाड़ियां बंद होना। लोग कोरोना संक्रमण से डरते हैं। फिलहाल लोकल और निजी वाहनों से 30 फीसदी ही पर्यटक पहुंच रहे हैं। राज्य पर्यटन विकास विभाग का मानना है कि 15 अक्टूबर से सभी पार्क खुल जाएंगे, इससे पर्यटन के कारोबार में बढ़ोतरी होगी।

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