उपचुनावों की घोषणा ने प्रदेश को भी गर्माया

नगीन बारकिया

आखिर चुनाव आयोग ने मप्र की 28 सीटों पर उपचुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया। इसके अनुसार अब से कोई एक माह बाद होने वाले इन उपचुनावों के परिणाम प्रदेश में छाए राजनीतिक कोहरे को साफ कर देंगे और यह स्पष्ट दिखाई देने लगेगा कि अब सरकार की स्थिति क्या है? वैसे प्रदेश के इतिहास में पहली बार हो रहे इतने उपचुनावों पर सबकी नजरें गढी हुई हैं और इसने प्रदेश का राजनीतिक पारा काफी बढ़ा दिया है। कारण साफ है कि यह चुनाव प्रदेश की आगे की दिशा को तय करेंगे। इसमें सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके परिणाम सरकार की जिंदगी और मौत की राह तय करेंगे। गणित एकदम साफ है। मप्र विधानसभा के 230 के सदन में वर्तमान में भाजपा के 107 सदस्य हैं और वह बहुमत के जादुई आंकड़े 116 से 9 सीट दूर है। जिन 28 सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं उनमें से यदि 9 सीटें भाजपा जीत लेती है तो उसकी सरकार को कोई आंच नहीं आ सकती है जबकि कांग्रेस को अपनी सरकार बनाने के लिए सभी 28 सीटें जीतना जरूरी होगा। ध्यान देने योग्य बात यह है कि इनमें से 16 सीटें ऐसी हैं जो सीधे ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव क्षेत्र की हैं। तीन विधायकों के निधन से रिक्त हुई सीटों के अलावा 25 सीटें वे हैं जिन पर कांग्रेस जीती थी और इन विधायकों ने सिंधिया के साथ रहने के लिए इस्तीफे दिए हैं। इस तरह ये उपचुनाव भाजपा से ज्यादा सिंधिया की प्रतिष्ठा से जुड़े हुए हैं। इसलिए इन उपचुनावों पर पूरे देश की नजरें लगी हुई हैं। जहां तक सरकार की स्थिरता का सवाल है विश्लेषकों का अनुमान है कि सरकार को फौरी तौर पर कोई खतरा नजर नहीं आ रहा है। उनके इस विश्वास का बड़ा कारण लोगों की सिंधिया के प्रति अगाध श्रद्धा होना है। इनका मानना है कि सिंधिया का सांसद का चुनाव हारना एक दुर्घटना ही माना जाएगा। जो कुछ नुक्सान होगा वह भाजपा के असंतोष और भितरघात की वजह से ही हो सकता है, लेकिन वह इतना प्रभावी नहीं हो सकता कि भाजपा और सिंधिया रूपी दो जैक लग जाने के बावजूद 28 में से 9 सीटें भी न जीत पाएं। यदि ऐसा होगा तो निश्चित रूप से यह भाजपा के संगठन की हार होगी। अब तो यह सब कुछ 10 नवंबर को ही पता चलेगा कि कौन जीता कौन हारा, तब तक हम केवल इंतजार ही कर सकते हैं।

चिराग आज खोलेंगे अपने पत्ते
बिहार विधानसभा चुनानों में राजनीतिक दलों का सीटों का जोड़तोड अँतिम दौर तक जारी है। कल से वहां पहले चरण के नामांकन भरना भी शुरू हो जाएगा लेकिन कौन यह नामांकन भरेगा यह स्थिति स्पष्ट होने में अभी भी कल तक इंतजार करना पड़ सकता है। सत्ता के दावेदार दोनों बड़े गठबंधन एनडीए और महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे का स्वरूप स्पष्ट नहीं हो पाया है। अब तक भाजपा और लोजपा के बीच सीटों के बंटवारे का फार्मूला तय नहीं हो पाया है। बताया जाता है कि लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान अपना स्टैंड आज क्लीयर कर सकते हैं। चिराग की घोषणा के बाद ही चुनाव की करवट का कुछ अंदाज हो सकेगा। एनडीए में अब भी लोजपा के बने रहने या बाहर निकलने को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। अनुमान है कि बुधवार को लोजपा का स्टैंड क्लीयर होने के एक-दो दिनों के अंदर एनडीए में सीट शेयरिंग का मामला सुलझ जाएगा। बताया जाता है कि लोजपा विधानसभा की कम-से-कम 33 सीटें, विधान परिषद की दो और यूपी से राज्यसभा की एक सीट मांग रही है, जबकि भाजपा ने 27 सीटों का प्रस्ताव देकर गेंद लोजपा के पाले में ही डाल दी है। दूसरी ओर महागठबंधन में राजद, कांग्रेस और वामदलों के बीच सीटों के बंटवारे की गुत्थी अभी तक उलझी हुई है।

कोरोना के खिलाफ मिल रहे अच्छे संकेत
कोरोना वायरस महामारी के मरीजों की संख्या 62 लाख के पार अवश्य पहुंच चुकी है लेकिन इसके साथ ही इस लड़ाई में हमारी जीत के संकेत भी नजर आने लगे हैं। बताया गया है कि पिछले 9 दिनों में 56 हजार से अधिक सक्रिय मरीज कम हुए हैं जबकि सबसे संक्रमित देशों में से एक अमेरिका और ब्राजील में मरीजों का आना थम गया है। यही स्थिति भारत में भी हो रही है। हमारे 21 राज्यों में सक्रिय मरीज घटने का ट्रेंड पिछले दो सप्ताह से बनना शुरू हुआ है। देश में 20 से 27 सितंबर के सप्ताह में कुल 56 हजार संक्रमित घटे हैं जिनमें से करीब 36 हजार महाराष्ट्र से हैं। हालाकि इसे खतरा टलने का संकेत माना जा सकता है, खतरा खत्म होने का नहीं। कहीं संख्या कम हो रही है तो कहीं वह नये रास्ते भी खोज रही है। यह राहत वाले आंकड़े हैं कि हरियाणा, चंडीगढ और आंध्र में सक्रिय मरीजों की संख्या में एक चौथाई कमी आई है।

बीएमसी पर फिर बरसी कंगना
विवादों में घिरी बालीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और बीएमसी के बीच विवाद अब थमता नहीं दिख रहा है। कंगना ने अब ट्वीट कर बताया कि बीएमसी अब उन्हें उनके पड़ोसियों से अलक थलग करने की योजना बना रही है। कंगना ने बीएमसी पर उन्हें अपने पड़ोसियों से अलग थलग करने को लेकर नोटिस भेजने का आरोप भी लगाया है।

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