तिलमिलाए हैं चुनाव हारे सिंधिया समर्थक

Scindia supporters have lost the election

प्रणव बजाज

ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल हुए उनके समर्थक विधायक चुनाव हारे तो उनकी नाराजगी चरम पर आ गई है। दरअसल गुस्से से तिलमिलाए इनकी जुबां पर रह रहकर नाराजगी के स्वर फूटने लगते हैं। हार से नाराज एक नेताजी कार्यालय आए तो बातों-बातों में बरस पड़े। बोले पार्टी के ही लोगों ने मुझे हरवा दिया है। कांग्रेस में होते तो कमलनाथ पुतला फूंक देते, लेकिन यहां क्या करें यहां अध्यक्ष का पुतला फूंका तो कार्यवाही हो जाएगी। दरअसल इन पर अभी तक भाजपा का रंग ही नहीं चढ़ा। यही वजह है कि अभी भी इन पर कांग्रेसीअंदाज जब तक उबल पड़ता है।

विधायक पाठक बोले न बिकूँगा, न डरूंगा
ग्वालियर से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने कहा है कि न बिकूँगा न डरूंगा। क्षेत्र की जनता के लिए आखिरी समय तक लड़ूंगा। लेकिन क्षेत्र के विकास में सौतेलापन बिल्कुल नहीं सहेंगे। दरअसल पाठक का इशारा सीधे तौर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया और भाजपा सरकार की तरफ था। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके क्षेत्र के साथ विकास को लेकर सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।

आईजी-एडीजी की पदस्थापना में फेरबदल के संकेत
प्रदेश के सात आईपीएस अफसरों को एडीजी के पदों पर प्रमोशन देने के बाद मुख्यालय और मैदानी स्तर पर आईजी और एडीजी की पदस्थापना में फेरबदल किया जा सकता है। आईजी विजिलेंस सीआईडी ए साईं मनोहर को पदोन्नत कर भोपाल जोन की कमान सौंपी जा सकती है। पदोन्नति में आईजी इंदौर योगेश देशमुख, चंचल शेखर आईजी, एसएएफ जबलपुर और केपी वेंकटेश्वराव आईजी बालाघाट शामिल है। वहीं 1996 बैच के योगेश चौधरी मोहम्मद, शाहिद अबसार और सतीश सक्सेना को भी एडीजी बनाया जाना है।

चीता बसाने सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी करेगी अनुशंसा
प्रदेश के अभयारण्यों में चीता बसाने के लिए नामीबिया से चीता लाने के तैयारी की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सेंट्रल एंपावर्ड मेंट कमेटी) 23 नवंबर को मध्यप्रदेश आ रही है। कमेटी में शामिल विशेषज्ञ 3 दिसंबर तक प्रदेश में रहकर मुआयना करेंगे। वे सबसे पहले गांधी सागर जाएंगे। इसके बाद समिति श्योपुर जिले के कूनो पालपुर नेशनल पार्क और फिर सागर के नौरादेही अभयारण्य और शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क का निरीक्षण करने पहुंचेंगे। इस दौरान विशेषज्ञ देखेंगे कि चीता बसाने के लिए उपयुक्त जगह कौन सी है। उसके बाद विशेषज्ञ अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेंगे। उल्लेखनीय है कि वन्य जीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) के वरिष्ठ अधिकारी और वैज्ञानिकों की यह टीम कानूनी पहलुओं पर भी जांच पड़ताल करेगी। कमेटी की रिपोर्ट देने के बाद दूसरी कमेटी भी उस नेशनल पार्क, सेंचुरी और सामान्य वन मंडल का अध्ययन करने के लिए आएगी, जहां चीता लाने के लिए सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी अनुशंसा करेगी। बता दें कि वैसे तो सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी को मार्च में ही आना था, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से लगे लॉकडाउन के कारण यह विशेषज्ञ नहीं आ सके थे।

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