ऑक्सफोर्ड वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा

नगीन बारकिया

कोरोना वायरस ले लड़ाई की जो जंग इन दिनों चल रही है उसमें यदि छोटी सी भी राहत की खबर आती है तो वह बहुत बड़ी मानकर लोग आत्मिक सुख की कल्पना में डूब जाता है। ऐसे माहौल में दुनिया की दिग्गज वैक्सीन उत्पादक कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने गुरुवार को जो दावा किया है वह काफी महत्वपूर्ण दिखाई देती है। सीरम का कहना है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका कंपनी के सहयोग से विकसित कोरोना टीका पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है। कंपनी ने यह भी दावा किया कि मानकों के अनुरूप टीके का भारत में भी परीक्षण चल रहा है। सीरम ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि टीका सबसे खराब प्रदर्शन की स्थिति में भी 60-70 फीसदी असरदार है। इस प्रायोगिक कोरोना टीके के उत्पादन में त्रुटियों की बात सामने पर लोग इसके शुरुआती नतीजों को लेकर सवाल उठाने लगे हैं। इसके पहले एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड ने दावा किया था कि उसके द्वारा विकसित टीका बहुत असरदार है।

एम्स में शुरू हुआ कोवैक्सीन का तीसरे दौर का परीक्षण
इन खबरों के बीच एक और मह्त्वपू्र्ण खबर सामने आई है जिसमें कहा गया है कि भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल गुरुवार को दिल्ली स्थित एम्स में शुरू हो गया है। एम्स के न्यूरोसाइंसेस सेंटर के चीफ डॉ एमवी पद्म श्रीवास्तव और तीन अन्य वॉलिंटियर को पहली डोज दी गई। उल्लेखनीय है कि भारत बायोटेक वह इंडियन कंपनी है जो कोवैक्सीन के नाम से कोरोना की वैक्सीन पर काम कर रही है। भारत बायोटेक कोरोना की इस वैक्सीन का निर्माण इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के साथ मिलकर कर रही है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि बीते शुक्रवार को तीसरे चरण का ट्रायल हरियाणा के रोहतक में शुरू हुआ है। देश में कुल 25 हजार 800 लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल होना है। वैक्सीन की दो डोज होगी। पहली डोज देने के 28 दिन बाद दूसरी डोज दी जाएगी। हैदराबाद, गोवा और पीजीआई रोहतक में 200-200 वॉलियंटर्स को पहली डोज के 28 दिन बाद वैक्सीन की दूसरी डोज दी जाएगी। इसके बाद तीसरे दौर की वैक्सीन मुहैया कराई जाएगी।

ममता से नाराज शुभेंदु ने पद छोड़ा
ऐसा लगता है कि धीरे धीरे अब पश्चिम बंगाल में सियासी बुखार चढ़ने लगा है। वरिष्ठ नेता अपनी राजी और नाराजगी दिखाने लगे हैं। निकट भविष्य में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर विभिन्न दलों पर इसका असर पड़ना ही है। इन दिनों में तो दबंग पदाधिकारियों को दबाव की राजनीति करने और दल बदलने का जैसे लायसेंस ही मिल जाता है। बंगाल में इस परिदृश्य ने आकार लेना शुरू कर दिया है। बंगाल में इन दिनों जो खास बात सामने आ रही है वह है भाजपा का शक्तिशाली रूप में सामने आना। यहां वामपंथी के बाद ममता बेनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने अपने पैर मजबूती से जमा रखे हैं लेकिन लगता है कि भाजपा ने यहां जबरदस्त सेंध लगा दी है। इसी का असर है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खास माने जाते रहे और तृणमूल कांग्रेस के ताकतवर नेता शुभेंदु अधिकारी ने नाराजगी की खबरों के बीच हुगली रिवर ब्रिज कमीशन चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। ममता के लिए इसे बड़ा झटका माना जा रहा है। शुभेंदु ने ऐसे समय पर इस्तीफा दिया है जब उनके पाला बदलने को लेकर अटकलें लग रही हैं। शुभेंदु अधिकारी करीब 20 सीटें पर अच्छा प्रभाव रखते हैं। राजनीतिक गलियारों में कई दिनों से चर्चा है कि वे ममता का साथ छोड़कर भाजपा में भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल, शुभेंदु अपना सियासी पत्ता नहीं खोल रहे हैं।

कैप्टन अमरिंदर ने वरिष्ठों को दी नसीहत
हाल ही में सम्पन्न हुए बिहार विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल द्वारा जो बयानबाजी की गई उसे लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने इन नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए एक तरह से नसीहत दे डाली। उन्होंने गुरुवार को कहा कि पार्टी के आंतरिक मुद्दों को सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं लाना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं तो आप पार्टी छोड़ सकते हैं। कांग्रेस के भीतर लोकतंत्र की कमी के आरोपों को खारिज करते हुए पंजाब सीएम ने कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता अपनी शिकायतें पार्टी प्रमुख या कार्यसमिति के सामने रखने के लिए स्वतंत्र हैं। कैप्टन के अनुसार, अगर आप कांग्रेसी हैं तो आप पार्टी अध्यक्ष या कांग्रेस कार्यसमिति के पास पार्टी की कार्यशैली को लेकर अपनी शिकायतें लेकर जा सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक तौर पर इसे सामने नहीं लाना चाहिए। एक बयान में उन्होंने कहा कि उन्हें यह सीख पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से मिली थी, जब वह कांग्रेस के सांसद थे।

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