6 करोड़ से अधिक टीकों का ऑर्डर, 30 करोड़ का लक्ष्य

नगीन बारकिया

देश में 16 जनवरी से शुरू होने वाले टीकाकरण अभियान की तैयारियां शुरू हो गई हैं। केंद्र सरकार ने दोनों भारतीय कंपनियों सिरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक को कोविड-19 टीके की फिलहाल 6 करोड़ खुराक खरीदने का ऑर्डर दिया है जिसकी कुल कीमत करीब 1300 करोड़ होगी। यह भी बताया गया है कि सरकार ने एसआईआई से ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ की 1.1 करोड़ खुराक खरीदने का सोमवार को ऑर्डर दिया। प्रत्येक टीके पर जीएसटी समेत 210 रुपए की लागत आएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार अप्रैल तक साढ़े चार करोड़ टीके खरीदेगी। मंगलवार तड़के से टीका भेजने की शुरुआत होने की उम्मीद है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को घोषणा की है कि कोरोना टीकाकरण अभियान के पहले चरण में तीन करोड़ लोगों, स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के टीकाकरण का खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस चरण में जनप्रतिनिधियों को शामिल नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कल सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से संवाद किया और कहा कि कोविड-19 के लिए टीकाकरण पिछले तीन-चार हफ्तों से लगभग 50 देशों में चल रहा है और अब तक केवल ढाई करोड़ लोगों को टीके लगाए गए हैं, जबकि भारत का लक्ष्य अगले कुछ महीनों में 30 करोड़ लोगों को टीका लगाना है।

बर्ड फ्लू से न घबराएं, संचरण की कोई रिपोर्ट नहीं
देश में कोरोना के बाद बर्ड फ्लू से फैली बदहवासी के चलते केंद्र सरकार की इस बीमारी से न घबराने की सलाह सामने आई है। बताया गया है कि केंद्रीय पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह के अनुसार मानव में बर्ड फ्लू संचरण की कोई वैज्ञानिक रिपोर्ट नहीं है और ऐसे में उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है। केंद्र ने सोमवार को राज्यों से मुर्गा मंडियों को बंद नहीं करने अथवा कुक्कुट उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित नहीं करने को भी कहा है। हालांकि, देश के 10 राज्यों में बर्ड फ्लू के प्रकोप की पुष्टि हो चुकी है। दिल्ली सरकार ने एहतियात के तौर पर शहर के बाहर से लाए गए प्रसंस्कृत और पैक किए गए चिकन की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।

ममता बोली- भाजपा अब भारतीय जंक पार्टी
तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी में मची भगदड़ को लेकर दबाव की राजनीति को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने इस बारे में अब तक यही कहा था कि एक-दो लोगों के दलबदल करने से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन अब उनके सुर बदल गए हैं। अब ममता का कहना है कि ईडी और सीबीआई के डर से कुछ लोग पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि भाजपा में शामिल होते ही तमाम भ्रष्ट लोग ईमानदार कैसे हो जाते हैं। ममता ने कहा कि भाजपा अब भारतीय जंक पार्टी बन गयी है। सोमवार को नदिया जिला के राणाघाट में आयोजित एक जनसभा में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि हाल के दिनों में तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल हुए कई लोगों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। उन्होंने पूछा कि भाजपा में शामिल होते ही भ्रष्ट लोग ईमानदार कैसे बन जाते हैं। अब भला कोई ममता से पूछे कि यदि उन्हें पता है कि वे भ्रष्ट लोग थे तो फिर उन्होंने अब तक अपने यहां क्यों पाल रखा था।

पेपरलेस होगा इस बार का बजट, नहीं छपेंगी कॉपियां
कोरोना महामारी का प्रभाव इस बार देश के बजट पर भी दिखाई देने वाला है। पता चला है कि 1 फरवरी को संसद में पेश होने वाले बजट की इस बार कॉपी नहीं छापी जाएगी। बजट की कॉपी की छपाई पर होने वाले खर्च को बचाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। इस बार लोगों को बजट की सॉफ्ट कॉपी यानी डिजिटल कॉपी बांटी जाएगी। कुल मिलाकर यह कि इस बार का बजट पूरी तरह से पेपरलेस होगा। जानकारों के अनुसार इस बार के बजट में हलवा सेरेमनी में भी लोगों को एक साथ नहीं रखा जाएगा। हलवा सेरेमनी में करीब 100 लोगों को एक साथ रखा जाता था, लेकिन इस बार बजट के दो हफ्ते पहले आयोजित होने वाले हलवा सेरेमनी में हर कोई अलग-अलग रहेगा।

Related Articles