फिर बढ़ने लगा है कोरोना का आतंक

नगीन बारकिया

कोरोना वायरस का असर फिर से दिखाई देने लगा है और इसका आतंक भी लोगों पर नजर आ रहा है। सरकार भी इसे कम करने के उद्देश्य से कदम उठा रही है। जिन क्षेत्रों में मामले फिर से बढ़ रहे हैं, केन्द्र सरकार वहां विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय टीमें भेजने पर विचार कर रही है। वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने, सर्विलांस, जांच और कोविड-19 के मामलों के प्रभावी क्लिनिकल प्रबंधन में हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और मणिपुर प्रशासन की मदद करने के लिए केन्द्र ने टीमें भेजी हैं। शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि केन्द्र सरकार उन राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में भी उच्चस्तरीय टीमें भेजने पर विचार कर रही है जहां कोविड-19 के मामलों में वृद्धि हो रही है। बयान में कहा गया है, केन्द्र सरकार ने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की सरकारों से कहा है कि वे तेजी से और ज्यादा से ज्यादा संख्या में जांच की रणनीति अपनाएं ताकि कोविड-19 के सभी मामलों का समय पर प्रभावी तरीके से पता लगाया जा सके।

मप्र के पांच शहरों में नाइट कर्फ्यू
मध्य प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मध्यप्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगेगा, लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते सरकार ने 5 शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। ये नाइट कर्फ्यू शनिवार यानी 21 नवंबर से लागू होगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने शुक्रवार को बताया कि इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, विदिशा और रतलाम जिलों में 21 नवंबर से नाइट कर्फ्यू लागू होगा। इन पांच शहरों में 21 नवंबर से हर दिन रात 10 से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। हांलाकि इस नाइट कर्फ्यू में आवश्यक सेवाओं और कारखाने के श्रमिकों में लगे लोगों को छूट दी गई है।

कपिल सिब्बल का कांग्रेस पर हमला जारी
कांग्रेस में नेताओं का एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है तथा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने एक बार फिर पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए है। सिब्बल ने कहा कि राहुल गांधी डेढ़ साल पहले यह कह चुके हैं कि वे अब कांग्रेस का अध्यक्ष नहीं बनना चाहते। उन्होंने यह भी कहा था कि वह नहीं चाहते कि गांधी परिवार का कोई भी व्यक्ति अध्यक्ष बने। इसको डेढ़ साल हो गया है, क्या कोई राष्ट्रीय पार्टी बिना अध्यक्ष के काम कर सकती है। अपने ऊपर हो रहे हमलों पर उन्होंने कहा कि अगस्त 2020 में जो चिट्ठी लिखी गई थी, वो हमारी तीसरी चिट्ठी थी। इससे पहले दो पत्र और लिखे थे, पर किसी ने हमसे बात नहीं की। उन्होंने अध्यक्ष पद पर चुनाव की वकालत करते हुए कहा कि वह किसी की क्षमता पर उंगली नहीं उठा रहे है, पार्टी के संविधान की बात कर रहे है। संविधान के मुताबिक चुनाव होना चाहिए। अगर हम खुद अपने संगठनों में चुनाव नहीं करवाएंगे तो हम जो रिजल्ट चाहते हैं वो कैसे मिलेगा। यही बातें हमने अपनी चिट्ठी में कही थीं।

केजरीवाल ने यह क्या कह दिया?
कांग्रेस संगठन पर अब बाहर से भी उंगलियां उठने लगी हैं। पार्टी के कई नेताओं की नाराजगी सामने आने के बाद, अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने कहा है कि कांग्रेस देश को भविष्य नहीं दे सकती है। उसका कोई माई-बाप तक नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस या बीजेपी किसी को भी वोट देती है, लेकिन सरकार बीजेपी की ही बनती है। कांग्रेस के विधायक बाद में अलग होकर बीजेपी में शामिल हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह से ढहती जा रही है। चाहे वोट कांग्रेस को दो या फिर बीजेपी को, सरकार बीजेपी की ही बनती है। कांग्रेस के विधायक बीजेपी में शामिल हो जाते हैं। कांग्रेस देश का भविष्य नहीं हो सकती है।

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