उपचुनावों पर हावी कोरोना

प्रणव बजाज

प्रदेश में उपचुनाव वाले क्षेत्रों में चुनाव लड़ने के लिए घोषित दावेदारों में कोरोना संक्रमण भी लगातार बढ़ रहा है। कोरोना के इस बढ़ते कहर ने उपचुनाव वाले क्षेत्रों के मंत्रियों पूर्व विधायकों और कांग्रेस, भाजपा सहित अन्य प्रत्याशियों को अपनी चपेट में लिया है। बता दें कि इसके चलते इन विधानसभा क्षेत्रों में होने वाली राजनीतिक सभाएं कोरोना की वजह बन रही है। उपचुनाव वाली सीटों पर कई उम्मीदवार कोरोना पॉजिटिव निकल चुके हैं। कुछ तो अभी कोरोना गाइडलाइन के चलते आइसोलेट भी हैं। इसमें तीन मंत्री भी शामिल है। जिनमें मंत्री तुलसी सिलावट सांवेर, प्रभु राम चौधरी सांची और बृजेंद्र सिंह यादव मुंगावली शामिल हैं। साथ ही प्रत्याशी पूर्व विधायक कमलेश यादव अम्बाह, जजपाल सिंह जज्जी अशोकनगर, मनोज चौधरी हाटपिपलिया, सुरेश राजे भी शामिल है। सीएम चौहान के अलावा जो अन्य मंत्री कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं उनमें वन मंत्री विजय शाह, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, एमएसएमई मंत्री ओपी सकलेचा शामिल है। वहीं पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पीसी शर्मा, हर्ष यादव, लखन घनघोरिया, तरुण भनोट, सुखदेव पांसे को भी कोरोना हो चुका है।

बहुउद्देश्यीय औद्योगिक पार्क होंगे विकसित
प्रदेश सरकार इंदौर-पीथमपुर निवेश क्षेत्र में नये औद्योगिक सेक्टर चार और पांच को बहुउद्देशीय औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। साथ ही प्रदेश में नई बल्क ड्रग पार्क और मेडिकल डिवाईस पार्क का निर्माण भी किया जाएगा। इस संबंध में कैबिनेट बैठक में प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इस परियोजना के अंतर्गत बारह सौ एकड़ क्षेत्र को विकसित किया जाएगा, जहां बहुउद्देशीय औद्योगिक क्षेत्र तैयार किया जाएगा। इसमें ऑटो, फार्मास्युटिकल, हर्बल, फूड और इंजीनियरिंग से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों के लिए विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। हालांकि इसकी तैयारी औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन विभाग लंबे समय से चल रही थी। अब इसके मूर्तरूप लेने में तेजी आएगी और इन क्षेत्रों में पहले दिन से ही औद्योगिक इकाइयों की स्थापना भी हो सकेगी। इसके लिए सरकार के पास पहले से ही कई उद्योगपतियों के प्रस्ताव आ भी चुके हैं। यहां जो भी निवेश करना चाहते हैं उन्हें बुकिंग की सुविधा के साथ ही अन्य सुविधाएं मिलने लगेंगीं। इस परियोजना से यहां इंजीनियरिंग, फार्मा, केमिकल इंजीनियरिंग, मेट्रोलॉजी इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग के साथ ही स्नातक और स्नातकोत्तर से जुड़े करीब बारह हजार युवाओं और इसके अलावा अन्य अकुशल श्रमिकों को रोजगार मिल सकेगा। सूत्रों के मुताबिक इस योजना के तहत लगभग 20 हजार करोड़ का निवेश होने की संभावना है।

अरुण-अमिताभ की नाथ से मुलाकात
उपचुनाव वाली मान्धाता सीट पर दो दिग्गजों के बीच रस्साकसी खत्म होते नहीं दिख रही। हालांकि पीसीसी चीफ कमलनाथ ने प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भगवंतराव मंडलोई के पोते अमिताभ मंडलोई को एक साथ करने के प्रयास जरूर किए हैं। दोनों ही दावेदारों के साथ कमलनाथ ने लंबी चर्चा की। दोनों ही नेता मांधाता सीट से उपचुनाव के लिए मजबूत दावेदारी बनाए हुए हैं। बहरहाल कमलनाथ ने कहा है कि पार्टी सर्वे करा रही है, जिसके जीतने की सबसे ज्यादा संभावना होगी उसे ही टिकट दिया जाएगा।

मतदाताओं का विश्वास पाने
प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों में मतदाताओं को लुभाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार कोशिश कर रहे हैं। वे सरकारी योजनाओं के साथ ही शिलान्यास और भूमिपूजन के जरिए मतदाताओं में पैठ बनाने और उनका विश्वास जीतने प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री द्वारा भिंड जिले की मेहगांव विधानसभा सीट पर नई तहसील बनाने की घोषणा भी की गई है। हालांकि मेहगांव पहले से तहसील है और यहां से पिछला चुनाव ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक ओपीएस भदौरिया जीते थे। भाजपा में आने के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने ही मुख्यमंत्री से मेहगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अमायन को भी तहसील बनाने की मांग की थी। बहरहाल इस घोषणा से सरकार ने राज्यमंत्री के साथ ही स्थानीय मतदाताओं की भावनाओं का भी सम्मान किया है।

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