कांग्रेस तैयार कर रही भाजपा के घोटालों का आरोप पत्र

Congress is preparing the charge sheet of BJP scams

प्रणव बजाज

प्रदेश कांग्रेस उपचुनावों के लिए अपने आरोप पत्र में 15 सालों और पिछले 6 महीनों की भाजपा सरकार के दौरान हुई गड़बड़ियों, अनियमितताओं और घोटालों को उजागर करेगी। इसके लिए वाकायदा रिकॉर्ड एकत्रित किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि 15 सालों में प्रदेश किसानों की आत्महत्या में नंबर वन था, बेरोजगारी में नंबर वन था, महिलाओं पर अत्याचार में नंबर वन था, भ्रष्टाचार में नंबर वन था। इसमें एनसीआरबी के डाटा के आधार पर महिलाओं पर अत्याचार का आंकड़ा दिखाया जाएगा। व्यापम से लेकर चावल घोटाले तक के मामले वचन पत्र में शामिल किए जा रहे हैं। भ्रष्टाचार की वे सभी कार्यवाही शामिल इसमें की जा रही है जो इन वर्षों के दौरान हुई हैं। साथ ही संबंधित जिले और विधानसभा में किस तरह की गड़बड़ियां इन सालों के दौरान हुई हैं वे सब इकट्ठा की जा रही हैं। इसके अलावा विधानसभा बार घोटालों की बड़ी सूची भी तैयार की गई है।

पदोन्नति में आईपीएस अफसर पीछे क्यों हैं
प्रदेश में राज्य पुलिस सेवा के अफसर राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों से पीछे हैं। प्रदेश में 1998 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी आईएएस बन चुके हैं, जबकि राज्य पुलिस सेवा के 1995 बैच के ही अधिकारी आईपीएस बन पाए हैं। राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को अब तक चौथा वेतनमान ही मिला है, जबकि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को पांचवा वेतनमान तक मिल चुका है। दरअसल केंद्र हो या राज्य प्रशासनिक और पुलिस सेवा के अधिकारियों में प्रभाव और अधिकारों को लेकर शाश्वत तनाव बना ही रहता है। दरअसल प्रतियोगी परीक्षा में कुछ की अंको से आगे रहने वाले प्रशासनिक अधिकारी सेवाकाल में समकक्ष पुलिस अधिकारियों से आगे ही रहते हैं। मध्यप्रदेश में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी भी कुछ इसी तरह की परेशानी से जूझ रहे हैं। हालांकि कैडर रिव्यू नहीं होना भी एक कारण है। रापुसे में यह परेशानी वर्ष 2013 से शुरू हुई है। इस साल होने वाले कैडर रिव्यू काफी लेट वर्ष 2015 में हुआ साथ ही पदोन्नति के माध्यम से भारतीय पुलिस सेवा आईपीएस के पदों की संख्या लगातार कम होने से भी समस्या बढ़ती गई।

स्कूल और कोचिंग खोलने पर निर्णय 15 के बाद
केंद्र सरकार की अनलॉक 5 गाइडलाइन के मद्देनजर राज्य सरकार भी स्कूल और कोचिंग संस्थान खोलने की अनुमति दे सकती है। हालांकि इस पर निर्णय 15 अक्टूबर के बाद ही लिया जाएगा। इसके लिए गाइडलाइन भी राज्य को ही तैयार करनी होगी। जबकि इसके लिए परिजनों की अनुमति जरूरी होगी। वही कंटेनमेंट जोन के बाहर सिर्फ खिलाड़ियों के लिए स्विमिंग पूल खोलने की अनुमति दी जा सकती है। जानकारी में बताया गया है कि शैक्षणिक, सामाजिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक और राजनीतिक समारोह में अब 100 से ज्यादा लोगों के साथ इसे मंजूरी मिल सकती है। बता दें कि पिछले दिनों विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने इसकी मांग सरकार से की थी।

करदाताओं को टैक्स में छूट इसी माह से
राज्य सरकार ने कोरोना काल और विधानसभा उपचुनाव के चलते नगरीय निकायों के करदाताओं और लीज या किराए पर संपत्ति लेने वालों को बड़ी राहत दी है। यह राहत प्रॉपर्टी टैक्स, जलकर, उपभोक्ता प्रभार, व निकाय की संपत्ति के लिए और किराए पर लगने वाले सरचार्ज में भी दी जाएगी। इस सरचार्ज में 25 से 100 फ़ीसदी तक की छूट दे दी गई है। हालांकि इसका फायदा 31 दिसंबर तक बकाया राशि का भुगतान करने वालों को ही मिल पाएगा। बता दें कि कोरोना संक्रमण के कारण लोगों के रोजगार में कमी, उद्योग धंधों में गिरावट एवं सर्विस सेक्टर में भी शिथिलता आई है। ऐसे में लोगों को नगरीय निकायों के कर प्रभावों के भुगतान में कठिनाई हो रही है। संपत्ति कर जमा करने वाले करदाताओं को अब इसी माह यानी अक्टूबर में भी निर्धारित छूट दी जाएगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर में सुधार किया जा रहा है।

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