बची हुई सीटों पर खींचतान से दोनों दल परेशान

प्रणव बजाज

उपचुनाव वाली ज्यादातर सीटों पर उम्मीदवार तय कर लेने के बाद अब भाजपा में 3 सीटों पर टिकट के लिए बेहद खींचतान हो रही है। हालांकि कांग्रेस से भाजपा में आने वाले बागियों के कारण 25 सीटों पर चेहरे लगभग तय है। जो तीन सीटें विधायकों के निधन के कारण खाली हुई हैं उन पर ही असमंजस बना हुआ है। आगर सीट पर भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल थे। जौरा और ब्यावरा सीट पर कांग्रेस विधायक थे। उनके निधन के बाद अब उपचुनाव हो रहा है। तीनों सीटों पर भाजपा के लिए अब वापसी का मौका है। वहीं कांग्रेस के सामने इन सीटों को बचाए रखने की बड़ी चुनौती है। कांग्रेस भी शेष बचे चार उम्मीदवारों की घोषणा की तैयारी में लगी है। इन सीटों के लिए 50 से ज्यादा दावेदारों ने टिकट मांगा है, जबकि काग्रेस जिताऊ चेहरा तलाशने में लगी है। मेहगांव में चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। तो पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह के भांजे राहुल भदौरिया ने भी दावेदारी की है। बड़ा मलहरा में जातिगत समीकरण मुश्किल पैदा कर रहे हैं। मुरैना और ब्यावरा में भी दावेदारों की फ़ौज ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

सत्र में पूछे प्रश्नों के जबाव की नही व्यवस्था
विधानसभा सत्र में विधायकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के जवाब सचिवालय ने व्यक्तिगत तौर पर विधायकों को भेज दिए है। हालांकि वे सार्वजनिक अगले सत्र में होंगे। सत्र में कुल 750 सवाल पूछे गए थे। नई व्यवस्था के तहत लिखित जवाब विधायकों को सदन में संबंधित विभाग के मंत्री देते हैं। विधायक प्रति प्रश्न भी करते हैं। यह सिर्फ तारांकित सवाल होते हैं। बाकी सवालों के लिखित जवाब विधायकों को मिल जाते हैं। परंतु यदि सत्र समय से पहले समाप्त हो जाता है तो शेष दिनों के जवाब के लिए उन्हें अगले सत्र का इंतजार करना पड़ता है। विधानसभा सचिवालय का तर्क है कि विधायकों को अगले सत्र तक जवाब का इंतजार नहीं करना होगा।

सिंधिया होते जा रहे संघ मय
चुनाव आयोग द्वारा उपचुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी कल भोपाल पहुंचे वे यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष के साथ पार्टी प्रत्याशियों के संबंध में होने वाली बड़ी बैठक में शामिल हुए। हालांकि उससे पहले वे हवाई अड्डे से सीधा संघ कार्यालय समिधा पहुंचे और संघ के उच्च पदाधिकारियों से मुलाकात की। इससे समझा जा रहा है कि अब सिंधिया धीरे-धीरे संघ मय होते जा रहे हैं।

बरैया ने मंत्री को कहा डाकू गब्बर सिंह
प्रदेश के उपचुनाव में नेताओं के वार पलटवार और भाषणों के जरिए एकदूसरे पर कटाक्ष जारी हैं। भांडेर उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया ने एक सभा में प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को डाकू गब्बर सिंह बताया। इस सभा में बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित थे। फूल सिंह बरैया ने दतिया विधायक डॉ नरोत्तम मध्यप्रदेश के गृहमंत्री को गब्बर सिंह डाकू के नाम से संबोधित करते हुए कहा कि महेंद्र बौद्ध और गब्बर सिंह अगर ये साबित कर दें कि मैंने, मायावती ने या कांशीराम ने जातिगत कभी भी कुछ गलत कहा हो तो साबित करे। मैंने कभी किसी के लिए जातिगत कुछ नही कहा ये भाजपा वाले झूठा प्रचार कर रहे है।बरैया ने भांडेर की जनता को कहा कि आप लोग कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाएं तो मैं दतिया से डाकू गब्बर सिंह को भगा दूँगा।

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