बिहाइंड द कर्टन/वन संरक्षण व ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ बनाने का प्लान

– प्रणव बजाज

Behind the Curtain / Forest Conservation and Strengthening Rural Livelihoods Plan

वन संरक्षण व ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ बनाने का प्लान
म प्र वन विभाग द्वारा एक ऐसा मास्टर प्लान तैयार कराया जा रहा है जिसमें  लघु वनोपज प्रजातियों के रोपण की योजना तो है ही साथ ही पौधारोपण में अब स्थानीय प्रजातियों के साथ लघु वनोपज से जुड़ी प्रजातियों को भी प्राथमिकता से लगवाया जाएगा। इसके लिए लघु वनोपज प्रजातियों के रोपण का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। वन विभाग द्वारा आने वाले तीन वर्षों में बड़े स्तर पर वनों का सुधार कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा। जिसमें 5 हजार ग्राम वन समितियां लाभान्वित होंगी। इससे वनों का संरक्षण होगा और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ बनाया जा सकेगा। वन प्रबंधन के तहत वर्ष 2021- 22 में साढे़ सात लाख लोगों को सौ दिवस का रोजगार दिए जाने की भी योजना तैयार की गई है।

राजधानी भोपाल सहित बड़े जिले वैक्सीनेशन में रहे फिसड्डी
कोरोना से बचाव के लिए चलाया जा रहा वैक्सिनेशन अभियान गति नहीं पकड़ सका है। राजधानी भोपाल सहित ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर और टीकमगढ़ जिला इस मामले में सबसे पीछे हैं। प्रदेश में अब तक बाईस हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोरोना से बचाव की वैक्सीन लगाई जा चुकी है। करीब 26 प्रतिशत लोग वैक्सीन लगवाने पहुंचे ही नहीं। हालांकि वैक्सीनेशन में डिंडोरी जिला प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है यहां 93 स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर ने वैक्सीन लगवाई है। जबकि भोपाल में कुल अड़सठ हजार में से सैंतालीस हजार ने वैक्सीन लगवाई। ग्वालियर चला इसमें सबसे पीछे रहा है। जबकि डिंडोरी 93 प्रतिशत, भिंड 89 प्रतिशत, अलीराजपुर 87 प्रतिशत और छतरपुर में 86 प्रतिशत और सीहोर में 85 प्रतिशत वैक्सिनेशन के साथ टॉप फाइव में रहे हैं।

सरकारी स्कूलों की यूनिफॉर्म अब ‘एम शिक्षामित्र’ पोर्टल से
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए इस बार स्कूल शिक्षा विभाग स्व-सहायता समूह के माध्यम से गणवेश तैयार करा रहा है। गणवेश के लिए एसएचजी जीविका पोर्टल से जिला स्तर पर समूहों को क्रय आदेश जारी किए गए हैं। 75 प्रतिशत की राशि संबंधित समूहों के खाते में पहुंचाई गई है। इसके अनुसार अब इन समूहों को तीन माह में गणवेश शाला प्रबंधन समिति को देना होगी। चूंकि स्कूलों को गणवेश मिलने की जानकारी एम शिक्षामित्र माड्यूल पर देना होगी। इसको लेकर स्कूल शिक्षा विभाग में प्रदेश भर के कलेक्टर को आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, राज्य शहरी आजीविका मिशन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से जारी आदेश में कहा है कि कतिपय जिलों से स्व सहायता समूह के माध्यम से गणवेश प्रदान किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।

गोविन्द की प्रतिज्ञा एक साल तक शामिल नहीं होंगे सार्वजनिक समारोहों में
प्रदेश के राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बड़ी शपथ ली है। उन्होंने कहा कि वे अब अगले एक साल तक किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में भोजन करने नहीं जाएंगे। दरअसल मंत्री राजपूत ने यह ऐलान इसलिए किया है क्योंकि सीधी बस हादसे के दिन वे एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भोजन की टेबल पर ठहाके लगाते हुए तस्वीर वायरल होने पर विपक्ष के निशाने पर आ गए थे। कांग्रेस ने उन पर जमकर निशाना साधा था। गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि कहीं न कहीं बेवजह की बात को इतना खींचा जाता है, जिसकी कोई जरूरत नहीं। इसलिए वे अब तो एक साल तक कहीं भी सार्वजनिक कार्यक्रम में भोजन नहीं करेंगे। चाहे वह कैसा भी आयोजन क्यों न हो, क्योंकि इस बात से वे बहुत आहत हुए हैं।

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