मौजूद है टिंबकटू शहर…

बिच्छू डॉट कॉम, डेस्क। आपने अक्सर किस्से कहानियों में टिंबकटू जैसी चीजों का नाम सुना होगा। आज हम आपको एक ऐसे शहर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका नाम टिंबकटू है। यह शहर अफ्रीका के माली देश में बसा हुआ है। यह शहर किसी समय एजुकेशन के लिहाज से यह बहुत आगे हुआ करता था। इसे 333 संतों का नगर भी कहा जाता था। अफ्रीका इस्लाम की पढ़ाई के लिए यह शहर एक केन्द्र हुआ करता था। आज भी इसका विश्वविद्यालय इस्लामिक पढ़ाई के लिए लोगों को अपनी ओर एटरेक्ट करता है। टिंबकटू माली के समृद्ध सांस्कृतिक और अध्यात्मिक विरासत वाला शहर है। इस शहर की अमूल्य विरासत के कारण संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक इकाई यूनेस्को ने इसे विश्व विरासत की सूची में दर्ज रखा है। यह शहर 5वीं सदी में बना था और लगभग 15वीं सदी तक व्यापारिक नगर से जाना जाने लगा था। यहां पर ऊंटो के सहारे सोने का बिजनेस चलता था। मुस्लिम व्यापारी इसी शहर से पश्चिमी अफ्रीका और यूरोप से सोने की मार्केटिंग करते थे। बदले में उन्हें अपनी जरूरतों की चीजें मिलती थी। कहा जाता है कि उस समय सोने की कीमत नमक के बराबर थी। लगभग 17वीं सदी के आसपास अंटलानटिक महासागर के व्यापारिक नगर बनने के साथ ही यह अमीर विरासत वाला शहर पतन की ओर चल पड़ा।इस शहर में आवाजाही के साधन आसानी से नही मिलते लेकिन फिर भी यह आकर्षण का केन्द्र है। यहां 350 साल पुरानी जिंगरेबर मस्जिद आज भी यहां मौजूद है। लेकिन यह शहर आतंकी हमले की वजह से तबाही की कगार पर पहुंच गया। आतंक के साए से जूझ रहे टिंबकटू निवासी आज भी इसे बचाने की हर कोशिश कर रहे हैं।

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